अनिल मिश्र / पटना
पड़ोसी देश नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में तिब्बत की तरफ से आई भीषण बाढ़ और ग्लेशियर झील फटने (GLOF) के कारण गंडक और कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से बिहार प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का भारी खतरा मंडराने लगा रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, तिब्बत सीमा के पास नेपाल के रासुवा जिले में भोटेकोशी-त्रिशूली नदी प्रणाली में अचानक फ्लैश फ्लड आया है। जिसके कारण त्रिशूली और अन्य नदियां आगे चलकर गंडक (नारायणी) और कोसी नदी में मिलती हैं, जिससे नेपाल का पानी तेजी से बिहार के मैदानी इलाकों में प्रवेश कर रहा है। दरअसल, नेपाल में भारी तबाही के बाद बिहार के तटीय इलाकों में पानी फैलने की आशंका है। बिहार सरकार ने इन सभी जिलों के जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित लगभग दस संवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। वहीं किसी भी स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात कर दिया गया है। इसके साथ ही निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की तैयारी चल है। वहीं प्रशासन ने आम लोगों को नदियों के पास न जाने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी गई है। बता दें कि नेपाल के रासुवा इलाके में भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद लापता बताए गए विदेशी नागरिकों में लगभग 105 भारतीय भी शामिल हैं। देश के पर्यटन बोर्ड ने बुधवार को यह जानकारी दी और बताया कि यह जानकारी पर्यटन और यात्रा कंपनियों से मिली शुरुआती एजेंसी-वार रिकॉर्ड पर आधारित है। बोर्ड ने बताया कि प्रभावित इलाकों से 384 यात्री लापता बताए गए हैं, जिनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। इधर एनडीआरएफ के कमांडेंट हितेंद्र पाल सिंह कंडारी ने बताया कि नेपाल में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के बाद बिहार में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इसे देखते हुए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) ने राज्य भर में नौ टीमें तैनात की हैं। साथ ही निचले इलाकों में पानी का स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त टीमें भेजी गई हैं। इस बीच कंडारी ने कहा कि मॉनसून की तैयारी के तहत NDRF की टीमें पहले से ही राज्य के बाढ़-संभावित इलाकों में तैनात थीं, लेकिन नेपाल में हालात को देखते हुए और पानी आने की संभावना के कारण अतिरिक्त टीमें भेजी गईं। उन्होंने बताया कि कुछ टीमें पहले से ही बिहार में तैनात थीं और हालात को देखते हुए बाद में अतिरिक्त जवान भेजे गए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त टीमें भेजी गईं और आज के हालात के मुताबिक दो और टीमें भेजी गई हैं। इस तरह, आज बिहार में हमारी नौ टीमें तैनात हैं और हमारी बाकी टीमें अलर्ट पर हैं। वहीं एनडीआरएफ के कमांडेंट पत्रकारों को बताया कि उनके जवान राज्य में चल रही आपातकालीन स्थितियों में भी मदद कर रहे हैं, जिनमें भागलपुर में नाव पलटने की घटना और दूसरी जगहों पर डूबने की घटनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संवेदनशील इलाकों में टीमें तैनात की गई हैं, ताकि बाढ़ आने पर वे तुरंत कार्रवाई कर सकें। कंडारी ने कहा कि फोर्स को नेपाल से बाढ़ का पानी बिहार में आने की आशंका को लेकर खास चिंता है। उन्होंने कहा कि अभी उम्मीद है कि नेपाल में मौजूद बाढ़ का पानी भारत में आएगा, जिसके बाद यहां भी बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। इसे देखते हुए हमारी टीमें वहां भेजी गई हैं। जबकि बिहार प्रदेश के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस पदाधिकारी/पुलिस अधीक्षक बैठक में शामिल हुए। बैठक में विकसित हो रही स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित जिलों को सतर्क रहने तथा आवश्यक बचाव एवं राहत तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए।
