सामना संवाददाता / नई दिल्ली
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई आज के समय में सबसे तेजी से बढ़ती तकनीकों में से एक है। हर दिन एआई और एडवांस होता जा रहा है। एडवांस होता एआई एक तरफ जहां इंसानों की जिंदगी और कामों को आसान बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ एक्सपर्ट्स इसके खतरों को लेकर भी सावधान कर रहे हैं। इसी क्रम में ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने चेतावनी दी है कि इस दशक के आखिरी तक यानी ५ वर्षों में एआई इंसानों की बुद्धि को पीछे छोड़ देगा।
हाल ही के एक इवेंट में उन्होंने कहा कि एआई इतनी तेजी से आगे बढ़ रहा है कि दुनिया को अब उस भविष्य के लिए तैयार रहना चाहिए, जहां मशीनें इंसानों से ज्यादा समझदार होंगी। मशीनें जब ज्यादा समझदार होंगी तो यह इंसानों के लिए खतरनाक हो सकती हैं।
लोगों से ज्यादा स्मार्ट है चैटजीपीटी-५
सैम ऑल्टमैन ने कहा कि कई मायनों में चैटजीपीटी-५ पहले से ही मुझसे ज्यादा स्मार्ट है। उन्होंने कहा कि मुझसे ही नहीं बहुत से लोगों से भी ज्यादा स्मार्ट है चैटजीपीटी-५। यह ऐसे अद्भुत काम कर सकता है जिनसे लोग बहुत प्रभावित होते हैं। लेकिन अभी भी ऐसी कई चीजें हैं जो इंसान आसानी से कर लेते हैं और चैटजीपीटी-५ नहीं कर सकता। ऑल्टमैन का अनुमान है कि एजीआई (आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस) यानी ऐसी मशीनें जो इंसानों जैसी या इंसानों से भी बेहतर काम कर सकती हैं, साल २०३० तक आ जाएगी। यह बदलाव २०२९ से ही देखने को मिलने लगेगा।
