मुख्यपृष्ठनए समाचारफिर एक बेवफा बीबी और उनके आशिक को  सजा-ए-मौत!

फिर एक बेवफा बीबी और उनके आशिक को  सजा-ए-मौत!

-मुस्कान-साहिल के बाद रविता-अमरदीप को मिली सजा-ए-मौत

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

मेरठ में एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति अमित की गला दबाकर हत्या कर दी थी। सर्पदंश से मौत दिखाने के लिए पत्नी ने बिस्तर पर सांप छोड़ दिया था। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सब कुछ साफ हो गया था। इस मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। बता दें कि दो दिन पहले भी कोर्ट ने सौरभ हत्याकांड मामले में दोषी मुस्कान और साहिल को सजा-ए-मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। एक सप्ताह के अंदर दो बेवफा पत्नियों और उनके खूनी खेल में शामिल आशिकों को दोष सिद्ध होने के बाद फांसी की सजा सुना कर प्रेम की आड़ में बढ़ रही बदचलनी में शामिल अपराधियों के लिए कड़ा संदेश दिया है।
शुक्रवार को ​सजा के एलान से पहले मुस्कान और साहिल की तरह ही रविता और अमरदीप को भी ऑनलाइन माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। ​आरोपी पक्ष के वकील ने अदालत से नरमी बरतने की गुहार लगाते हुए दोषियों के लिए कम सजा की मांग रखी। ​पीड़ित पक्ष के वकील ने इस जघन्य कृत्य को समाज के लिए एक गंभीर संदेश बताते हुए दोनों दोषियों के लिए मृत्युदंड की ही मांग पर जोर दिया। इसके बाद कोर्ट ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई। घटना 12 अप्रैल 2025 की है। बहसूमा के अकबरपुर सादात गांव में घर के अंदर ही अमित कश्यप की हत्या पत्नी रविता ने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर कर दी थी। सर्पदंश से मौत दिखाने के लिए लाश पर एक सांप छोड़ा था। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या करने का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को गिरफ्तार किया गया था। 7 अक्टूबर को रविता और प्रेमी अमरदीप को कोर्ट ने दोषी करार दिया था।
शुक्रवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। ​अमित कश्यप की मां मुनेश देवी और उनका पूरा पीड़ित परिवार सुबह ही कोर्ट पहुंच गया था। फैसले के आने के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि आखिरकार एक मां को इंसाफ मिल गया है। ​इस सनसनीखेज फैसले के सामने आने के बाद ‘सांप हत्याकांड’ एक बार फिर देश भर में सुर्खियों में आ गया है। इस वीभत्स अपराध और अदालत के इस कड़े फैसले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि कानून जघन्य अपराधों के दोषियों को उनके अंजाम तक जरूर पहुंचाता है। समाज के प्रबुद्ध वर्ग और आम जनता द्वारा भी अदालत के इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत किया जा रहा है। बता दें कि मेरठ के ‘नीला ड्रम’ कांड के नाम से चर्चित हुए सौरभ हत्याकांड में दोषी करार दी गयी उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को एक स्थानीय अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी।

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