बीते महीने नोएडा में एक दिल दहला देनेवाली घटना सामने आई थी, जहां ससुरालवालों ने दहेज की मांग को लेकर अपनी बहू को आग के हवाले कर दिया था। नोएडा के `निक्की कांड’ ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। अब इसी कड़ी में अलवर में भी एक और `निक्की’ दहेज की बलि चढ़ी है। राजस्थान के डीग जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो इंसानियत को शर्मसार कर देती है। मंगलवार दोपहर को ४२ साल की सरला देवी को कथित तौर पर उनके ससुराल वालों ने गोबर के उपलों पर जिंदा जला दिया। इतना ही नहीं, जब पुलिस ने इस क्रूर कृत्य को रोकने की कोशिश की तो ससुराल वालों और कुछ ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, सरला देवी की शादी २००५ में अशोक से हुई थी लेकिन बच्चा न होने की वजह से उन्हें सालों तक ससुराल में ताने और उत्पीड़न झेलना पड़ा। सरला के भाई विक्रांत ने एफआईआर में बताया कि उनकी बहन को ससुराल में लगातार प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने सरला के पति अशोक, ससुर सुखबीर सिंह, सास राजवती, देवर त्रिलोक और राजू, साथ ही ननद पूजा और पूनम पर इस जघन्य अपराध का आरोप लगाया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एके शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लगता है कि आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए पुलिस पर हमला किया। पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश मीणा ने कहा कि हत्या, सबूत नष्ट करने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले के लिए मामले दर्ज किए गए हैं। घटना के बाद सरला के ससुराल वाले और कुछ ग्रामीण फरार हो गए। गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और जांच तेजी से चल रही है।
सबूत मिटाने की साजिश
दोपहर करीब १२ बजे पुलिस को सूचना मिली कि सरला के आधे जले शरीर को जबरन अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा है। जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तो ग्रामीणों ने उनका रास्ता रोक लिया। भीड़ ने पुलिस वालों को दौड़ाया, उनकी वर्दी फाड़ दी और मारपीट की। किसी तरह पुलिसकर्मी वहां से भागे और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया।
