झा बंधुओं की एकजुटता से निवेशकों को राहत
सामना संवाददाता / भायंदर
मीरा-भायंदर में काशीमीरा के पास स्थित स्काई ओरम प्रोजेक्ट में पिछले चार महीनों से चल रहा हाई-प्रोफाइल विवाद आखिरकार समाप्त हो गया है। उद्योगपति शंकर झा और डेवलपर विवेकानंद झा के बीच साझेदारी को लेकर पैदा हुए मतभेद अब पूरी तरह सुलझ गए हैं। दोनों के एक मंच पर आने से प्रोजेक्ट में निवेश करने वाले सैकड़ों लोगों और अपने सपनों का घर खरीदने वाले आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है। माना जा रहा है कि इस विवाद में अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकनेवाली भाजपा की ओछी राजनीति बेनकाब हो गई है।
यह मामला धीरे-धीरे राजनीतिक रंग ले रहा था और स्थानीय भाजपा नेताओं की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे थे। आरोप लगे थे कि विवाद को सुलझाने के बजाय बीजेपी के कुछ नेता अपना निजी हित साधने में लगे थे। जनता के बीच यह धारणा बन गई थी कि भाजपा नेता समाधान के नाम पर सिर्फ अपना लाभ पाने में लगे हैं। करीब ४०० करोड़ के इस प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी को लेकर विवाद इतना बढ़ गया था कि एक पक्ष अपने समर्थकों के साथ साइट पर पहुंच गया। वहां हुई गर्मागर्म बहस मारपीट में बदल गई और मामला पुलिस स्टेशन तक जा पहुंचा। चार महीनों तक दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप–प्रत्यारोप लगाते रहे, सबूत पेश करते रहे और अपनी-अपनी सफाई देते रहे।
इस बीच सबसे ज्यादा परेशानी उन निवेशकों और घर खरीदने वालों को थी, जिन्हें डर था कि कहीं विवाद के चलते प्रोजेक्ट रुक न जाए। कई लोग तो लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाकर अपना पैसा और फ्लैट सुरक्षित होने की जानकारी मांगते रहे। ऐसे में अब लंबे विचार-विमर्श के बाद, शंकर झा और विवेकानंद झा ने समझदारी दिखाते हुए आपसी विवाद खत्म कर दिया है। दोनों ने मुलाकात कर सभी गलतफहमियां दूर कीं और प्रोजेक्ट को तेज गति देने की घोषणा की। दोनों डेवलपरों ने पत्रकारों के सामने स्पष्ट किया कि अब किसी तरह का कोई विवाद नहीं है और वे जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा कर लोगों को उनके सपनों का घर सौंपेंगे।
