मुंबई | सरकारों और राजनयिक मिशनों के लिए तकनीक आधारित सेवाएं देने वाली अग्रणी कंपनी बीएलएस इंटरनेशनल ने दक्षिण अफ्रीका में साइप्रस गणराज्य के उच्चायोग के साथ वीज़ा आउटसोर्सिंग को लेकर एक महत्वपूर्ण अनुबंध किया है। इस समझौते के तहत बीएलएस इंटरनेशनल साइप्रस वीज़ा से जुड़ी संपूर्ण सेवाओं का संचालन करेगी।
अनुबंध के अनुसार, बीएलएस इंटरनेशनल न केवल दक्षिण अफ्रीका, बल्कि इसके क्षेत्राधिकार में आने वाले 10 अन्य देशों—लिसोथो, इस्वातिनी, मॉरीशस, बोत्सवाना, जिम्बाब्वे, जाम्बिया, नामीबिया, मैडागास्कर, मलावी और मोज़ाम्बिक—से प्राप्त होने वाले साइप्रस वीज़ा आवेदनों की प्रक्रिया की निगरानी करेगी। इसके लिए कंपनी दक्षिण अफ्रीका में रणनीतिक स्थानों पर वीज़ा आवेदन केंद्र स्थापित करेगी, जहां से सभी 11 देशों के आवेदकों को सेवाएं दी जाएंगी।
कंपनी ने बताया कि इन केंद्रों पर सुरक्षित, सुव्यवस्थित और ग्राहक-अनुकूल वीज़ा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। तकनीक से संचालित प्रक्रियाओं के साथ-साथ आवेदकों को कई प्रीमियम और मूल्यवर्धित सुविधाएं भी दी जाएंगी, जिनमें दस्तावेज़ सहायता, आवेदन ट्रैकिंग, कूरियर सेवा, यात्रा बीमा, विदेशी मुद्रा सुविधा, प्राइम टाइम अपॉइंटमेंट, फॉर्म भरने में सहयोग और परामर्श सेवाएं शामिल हैं। ये सभी सेवाएं बीएलएस इंटरनेशनल के डिजिटल प्लेटफॉर्म से एकीकृत होंगी।
बीएलएस इंटरनेशनल के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर शिखर अग्रवाल ने कहा कि यह साझेदारी राजनयिक मिशनों के बीच कंपनी की तकनीकी क्षमताओं पर बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि एआई, बायोमेट्रिक और क्लाउड-आधारित सिस्टम के जरिए कंपनी तेज़, सुरक्षित और पारदर्शी सेवाएं प्रदान कर रही है।
कंपनी की मजबूत कारोबारी प्रगति को रेखांकित करते हुए बताया गया कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही में बीएलएस इंटरनेशनल का समेकित राजस्व 736.6 करोड़ रुपये रहा, जबकि शुद्ध लाभ बढ़कर 185.7 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। 70 से अधिक देशों में मौजूदगी के साथ बीएलएस इंटरनेशनल कांसुलर आउटसोर्सिंग क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका बनाए हुए है।
