तीन परतों में छिपाकर की गई फंडिंग
टाइगर श्रॉफ फायिंरग केस में अनमोल बिश्नोई कनेक्शन
सामना संवाददाता / मुंबई
बॉलीवुड सितारों की सुरक्षा को चुनौती देने वाली फायिंरग के पीछे अब साजिश, विदेशी कनेक्शन और पैसों के नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर १८ अक्टूबर को जुहू में हुई फायिंरग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच थ्री-लेयर मनी ट्रेल की जांच कर रही है। फायिंरग मामले में थ्री-लेयर फंिंडग का मतलब है कि हमले के लिए इस्तेमाल हुई रकम तीन चरणों में आरोपियों तक पहुंचाई गई, ताकि पैसे भेजने वाले और फायरिंग करने वालों के बीच सीधा संबंध छिपा रहे। मुंबई क्राइम ब्रांच इस मनी ट्रेल की जांच कर रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फंिंडग का पहला स्रोत पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हमले के लिए रकम किस व्यक्ति या नेटवर्क ने उपलब्ध कराई। दूसरा लेयर ये है कि पैसों का ट्रांसफर रकम को दूसरे व्यक्तियों या बैंक खातों तक किस तरह ट्रांसफर किया गया और तीसरी परत और अहम पहलू यह है कि शूटरों और दूसरे आरोपियों तक पैसा वैâसे पहुंचा तथा उसका इस्तेमाल किस काम के लिए किया गया। आरोपियों ने यह भी बताया है कि हमले की साजिश में अनमोल बिश्नोई और रणदीप मलिक की अहम भूमिका थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मलिक ने अनिल पंडित, शूटर रेहान अंसारी और हथियार मुहैया कराने के आरोपी कुणाल सिंह को एक साथ जोड़ा था। पंडित ने ही फायनल फायिंरग का आदेश दिया था।
छह बैंक खातों से पैसों का ट्रांजेक्शन
क्राइम ब्रांच को शूटरों तक छह बैंक खातों के जरिए रकम पहुंचाए जाने की जानकारी मिली है। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि पैसे किसने भेजे, किसके निर्देश पर ट्रांसफर हुए और इस नेटवर्क के पीछे कौन था। आरोपियों के बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल कम्युनिकेशन और बयानों को खंगाला जा रहा है। पुलिस इस आशंका की भी जांच कर रही है कि युवाओं को गैंग में शामिल करने के लिए पैसों या विदेश में अवसर दिलाने का लालच दिया गया था।
