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कुव्यवस्था की खुली किताब बना कूपर… आयुक्त के औचक निरीक्षण में अस्पताल का ‘इमरजेंसी रिव्यू’!

– सेवाओं की खुली पोल-पट्टी

– गंदगी और स्टाफ की कमी पर भड़के मरीज

सामना संवाददाता / मुंबई

कूपर अस्पताल की अव्यवस्था मनपा आयुक्त व प्रशासक के औचक निरीक्षण में खुली किताब बनकर सामने आ गई, जब अस्पताल में किए गए ‘इमरजेंसी रिव्यू’ ने मरीज सेवाओं की पोल-पट्टी खोल दी। निरीक्षण के दौरान मरीजों की नाराजगी, गंदगी, भीड़भाड़ और स्टाफ की कमी जैसे मुद्दों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। रोगी सेवाओं में लगातार गिरावट पर आयुक्त ने अफसरों से तत्काल ही जवाब तलब किया और स्पष्ट चेतावनी दी कि हालात तत्काल नहीं सुधरे तो कड़ी कार्रवाई तय है।
मनपा आयुक्त व प्रशासक भूषण गगरानी ने कल विलेपार्ले स्थित डॉ. आरएन कूपर अस्पताल का व्यापक निरीक्षण किया, जिसका उद्देश्य नागरिक स्वास्थ्य सुविधाओं में रोगी सेवाओं, स्वच्छता और दक्षता को बढ़ाना था। यह दौरा मनपा के अंतर्गत मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं के चल रहे मूल्यांकन का एक हिस्सा था। गगरानी ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का गहन निरीक्षण किया और रोगी देखभाल को मजबूत करने, सेवाओं का विस्तार करने और परिसर में उच्च स्वच्छता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए।
रोगी केंद्रित प्रक्रियाओं पर जोर
निरीक्षण के दौरान आयुक्त गगरानी ने अफसरों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि रोगी संबंधी प्रक्रियाएं अधिक कुशल, सुलभ और उत्तरदायी बनें। उन्होंने सेवा विस्तार योजनाओं, आगामी चिकित्सा सुविधाओं और आवश्यक उन्नयन की स्थिति पर विस्तृत जानकारी ली।
स्वच्छता व कचरा प्रबंधन मुख्य उद्देश्य
दौरे का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य स्वच्छता मानकों में सुधार लाना था। गगरानी ने वार्डों, प्रतीक्षालयों और सार्वजनिक स्थानों में उच्च स्तर की स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने प्रभावी अपशिष्ट निपटान प्रोटोकॉल का बिना किसी अपवाद के पालन करने का निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण मरीजों की सुरक्षा और आराम के लिए बेहद जरूरी है। आयुक्त ने जोर देकर कहा कि हर सुधार के मूल में रोगी मित्रता होनी चाहिए।
मरीजों व कर्मचारियों से सीधा संवाद
आयुक्त ने जमीनी हकीकत का जायजा लेने के लिए मरीजों, उनके परिजनों, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से सीधे बात की। इस बातचीत से उन्हें सेवा व्यवस्थाओं की गुणवत्ता का आकलन करने और उन कमियों की पहचान करने में मदद मिली, जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। इस महत्वपूर्ण दौरे में स्वास्थ्य उपायुक्त शरद उघड़े, अस्पताल के डीन डॉ. सुधीर मेढेकर, चिकित्सा अधीक्षक देव शेट्टी सहित वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित थे।

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