अर्जेंटीना बनाम इजिप्ट का मैच रोमांच से भरपूर था। ऐसा लगा जैसे विश्व कप का यही फाइनल हो। लगभग पराजय के द्वार पर खड़ी मेसी की टीम ने आखिरी ११ मिनटों में जो तूफान खड़ा किया उसमें तीन गोल कर इजिप्ट को बाहर कर दिया। कोई इस आंधी में समझ ही नहीं पाया कि महानतम मेसी के जादू ने इजिप्ट का सपना चकनाचूर कर दिया। अब इजिप्ट आरोप लगा रहा है कि अर्जेंटीना ने मैच पर डवैâती की है। फीफा उसको जितवाना चाहता था ताकि मेसी से आगे के मैचों में मुनाफा कमाया जा सके। मगर यह इजिप्ट टीम और उसका प्रशासन भी जानता है कि जिन घटनाओं को लेकर वो आरोप लगा रहा है वह एक साफ झूठ है। मगर उसका देश, देश की जनता और पैंâस नहीं जानते फुटबॉल की इन बारीकियों को, ऐसे में वह अपनी हार को हजम कर प्रतिष्ठित बने रहना चाहता है। मैच रोमांच की हदें पार कर गया था, कोई शक नहीं। रेफरी ने हरसंभव सही पैâसले लिए, इसमें कोई संदेह नहीं। इजिप्ट के खिलाड़ी मारने-कूटने पर उतारू हो गए थे, इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं है। इसके बावजूद वह मेसी की टीम को डवैâत साबित कर रहा है, यह हास्यसपद है। बहरहाल, वो जिस मौके को फाउल करार देकर भुनाना चाहता है वह साफ तौर पर झूठ है। और जिस वक्त इजिप्ट के तीसरे गोल को गलत तथा उसके खिलाड़ी को फाउल वीएआर द्वारा दिया गया वो एकदम सही पैâसला था। मगर इजिप्ट है कि मानने को तैयार नहीं है और यह दुष्प्रचार करने में लगा है कि मेसी को विश्वकप में बनाए रखने के लिए उनकी टीम को जानबूझ कर हराया गया।
