मुख्यपृष्ठनए समाचारपूरे देश में साइबर अपराधियों का आतंक!

पूरे देश में साइबर अपराधियों का आतंक!

-गोवा से ऑपरेशन, श्रीलंका हैंडलर और दुबई हेडक्वार्टर
-क्रिप्टो बदलकर ५०० करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग

सामना संवाददाता/ मुंबई
मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक अंतर्राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसका टर्नओवर करीब ५०० करोड़ रुपए बताया जा रहा है। जांच में सामने आया कि ये गैंग गोवा के एक विला से ऑपरेट होता था। पैसा श्रीलंका में बैठे हैंडलर के जरिए दुबई हेडक्वार्टर भेजा जाता था और फिर क्रिप्टो करंसी में बदलकर मनी लॉन्ड्रिंग की जाती थी।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, गैंग आम लोगों से ७,००० से ८,००० रुपए में बैंक खाते और सिम कार्ड खरीदता था। इन्हें ‘म्यूल अकाउंट’ बनाकर फ्रॉड के पैसे ट्रांसफर करने में इस्तेमाल किया जाता था। खाते और सिम किट को दुबई भेजा जाता था जहां से ऑनलाइन गेमिंग और साइबर फ्रॉड चलाया जाता था। जांच में पता चला कि रैकेट के तार श्रीलंका और दुबई से जुड़े हैं। श्रीलंका में बैठा हैंडलर पूरे ऑपरेशन कोऑर्डिनेट करता था। पैसा कई लेयर के खातों से घुमाकर अंत में क्रिप्टो में कन्वर्ट करके विदेश भेज दिया जाता था। पुलिस को शक है कि गोवा के एक विला को इस काम के लिए ऑफिस की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था।
मिले १८ फ्रॉड में इस्तेमाल बैंक खाते
क्राइम ब्रांच ने छापेमारी में बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, सिम कार्ड और कंपनी के रबर स्टैंप जब्त किए हैं। कई बैंक खाते पहले से १८ साइबर फ्रॉड मामलों में इस्तेमाल पाए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया है और रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
खंगाले जा रहे हैं ५०० करोड़ के संदिग्ध रिकॉर्ड
डीसीपी के अनुसार, ये गैंग सिर्फ मुंबई ही नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों में सक्रिय था। ५०० करोड़ के संदिग्ध ट्रांजैक्शन खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अब विदेशी एजेंसियों के साथ मिलकर श्रीलंका और दुबई में बैठे मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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