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विदर्भ मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की मांग, शीतकालीन अधिवेशन की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव सदन में उठा

विदर्भ में शीतकालीन अधिवेशन अवधि बढ़ाने की मांग पहले ही दिन सदन में उठा महत्वपूर्ण मुद्दा

राजन पारकर / नागपुर

महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन अधिवेशन 2025 के पहले ही दिन विधायक भास्कर जाधव और नाना पटोले ने अधिवेशन की अवधि बढ़ाने की मांग की। दोनों नेताओं का कहना था कि विशेष रूप से विदर्भ क्षेत्र के मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा हो सके, इसलिए अधिवेशन को अधिक समय दिया जाना चाहिए।

विधानसभा अध्यक्ष को संबोधित करते हुए नाना पटोले ने कहा कि सदन के प्रमुख के रूप में उचित और न्यायपूर्ण निर्णय लेना आवश्यक है। उन्होंने पूर्व में हुए अल्पकालीन अधिवेशन की आलोचना करते हुए बताया कि कोरोना काल में मुंबई में केवल तीन से पाँच दिनों का अधिवेशन हुआ था, जबकि अन्य राज्यों में पंद्रह से बीस दिनों तक नियमित कामकाज चलता रहा।

मुख्यमंत्री ने भी सदन में स्पष्ट किया कि विदर्भ में अधिवेशन की अवधि बढ़ाने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। नाना पटोले ने अपने पूर्व पीठासीन अधिकारी (स्पीकर) के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि सदन के साथ न्याय करना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

अधिवेशन के पहले दिन पूर्व विधानसभा सदस्यों और पूर्व राज्यमंत्रियों के दुखद निधन पर शोक प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया। इसमें कैलासवासी शिवाजीराव भानुदास करडीले, महादेवराव सुकाजी शिवणकर सहित अन्य दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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