सामना संवाददाता / मुंबई
धारावी के मेघवाड़ी स्थित गणेशनगर में झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (एसआरए) द्वारा ४२ से अधिक झोपड़ियों पर जबरन कार्रवाई की चेतावनी के विरोध में ‘धारावी बचाओ आंदोलन’ ७ दिसंबर, रविवार को शाम ६ बजे कामराज हाई स्कूल के सामने ‘इशारा जनसभा’ को आयोजित किया गया है। आंदोलन के नेता एवं पूर्व विधायक बाबूराव माने ने यह जानकारी दी।
एसआरए ने हाल ही में एक नोटिस जारी कर झोपड़ीवासियों को ७ दिनों के भीतर मकान खाली करने को कहा है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि यदि झोपड़ियां खाली नहीं की गर्इं और विकासक कंपनी द्वारा तय किराया व अनामत राशि स्वीकार नहीं की गई, तो झोपड़पट्टी अधिनियम के तहत बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी। यह नोटिस नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (अडाणी समूह से संबद्ध) की ओर से जारी की गई है, जिसके साथ स्थानीय लोगों की चर्चा भी हुई थी, परंतु झोपड़ियां खाली नहीं की गर्इं।
जनसभा में शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे, अनिल देसाई, बाबूराव माने समेत शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), राकांपा (शरदचंद्र पवार) नेता उलेश गजाकोष, सपा, शेकाप नेता राजेंद्र कोरडे, वंचित बहुजन आघाड़ी, माकप भाकप पार्टी, आम आदमी पार्टी, बसपा और कांग्रेस के कई नेता और हजारों धारावीकर शामिल होंगे।
इनकी मुख्य मांगें हैं कि धारावी के हर पात्र-अपात्र झोपड़ीधारक को ५०० वर्ग फुट का घर दिया जाए, किसी को भी धारावी से बाहर न हटाने का लिखित आश्वासन सरकार और अडाणी कंपनी दे, घर व दुकान के बदले घर, दुकान और व्यवसाय हेतु उपयुक्त स्थल मिले, सरकार ने अडाणी कंपनी को धारावी की ६०० एकड़ के साथ मुलुंड, देवनार, माहुल और कुर्ला मदर डेयरी समेत लगभग ९०० एकड़ अतिरिक्त जमीन क्यों दी, इसका स्पष्टीकरण दिया जाए, झोपड़पट्टी वहीं से वहीं पुनर्वसन की नीति के बावजूद धारावी से बाहर जमीन क्यों दी गई, सरकार बताए।
