हिमांशु राज
“ड्रॉपआउट” फिल्म की दमदार शुरुआत हो चुकी है। इसका संगीत दो अप्रैल से प्रमुख संगीत मंचों पर उपलब्ध है, जबकि फिल्म बाइस मई दो हजार छब्बीस को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। क्या पढ़ाई बीच में छोड़ना असफलता है या अपनी किस्मत खुद गढ़ने की पहली सीढ़ी? फिल्म इसी सवाल को केंद्र में रखकर युवा की महत्वाकांक्षी यात्रा बयान करती है।
जब कोई सपने देखने वाला युवा मजबूरन महाविद्यालय छोड़ता है, तो उसके सामने कठिन विकल्प होता है-समाज के पुराने ठप्पों को अपनाए या अपना भविष्य स्वयं आकार दे। यह फिल्म बुद्धिमत्ता और सफलता की परिभाषा को ही चुनौती देती है। शेमारू मनोरंजन द्वारा वितरित यह हिंदी कथा-पटकथा चित्रण उत्तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश पर आधारित है। इसमें पहचान, लालसा और सफलता की नई व्याख्या का सशक्त चित्रण है।
निर्माता उमाशंकर यादव ने कलाकारों व पूरी टोली के साथ लाइव संवाद सत्र में यह सूचना दी। निर्देशन ओमकार पेठकर का है, जिन्होंने पटकथा और संवाद भी रचे। कथा व मूल पटकथा उमाशंकर यादव की कलम से उभरी। प्रसिद्ध गीतकार डॉ. सागर ने दो गीत लिखे, जबकि संगीत वडोदरा के प्रज्वल पांड्या व परम भगत ने रचा। युवा गायकों अरुण देव यादव व सौमी शैलेश ने इन्हें आवाज दी।
मुख्य पात्रों में तनुष्का शर्मा व उदय सिंह हैं। उनके साथ वरिष्ठ अभिनेता राजेंद्र गुप्ता व मुश्ताक खान महत्वपूर्ण भूमिकाओं में। उमाशंकर यादव अभिनय में कदम रख रहे हैं। अनुभवी व नवीन कलाकारों का संगम भावुक व प्रेरक यात्रा रचता है। पूरी टोली ने कार्य पूर्ण होने पर प्रसन्नता जताई व विश्वास व्यक्त किया कि यह चित्रण दर्शकों के हृदय को स्पर्श करेगा। यह केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगी।
