रोहित माहेश्वरी
लेह में २४ सितंबर को हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान कारगिल युद्ध के दिग्गज त्सेवांग थरचिन की मौत ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। ४६ वर्षीय थरचिन, जो १९९६ से २०१७ तक लद्दाख स्काउट्स में हवलदार के रूप में सेवा कर चुके थे, प्रदर्शन में पुलिस की गोली लगने से शहीद हुए। प्रदर्शनकारियों ने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग की थी। समाजवादी नेता अखिलेश यादव ने पूर्व सैनिक होने के बावजूद थरचिन पर हुई हिंसा की निंदा की और कहा, ‘जब पूर्व सैनिक तक सरकार के निशाने पर हों तो समझ लेना चाहिए कि कुछ भी सुरक्षित नहीं है। देश सरकार से स्पष्टीकरण की मांग करता है।’ यह घटना प्रशासन की संवेदनहीनता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
‘भाजपाइयों की मानसिकता गोडसे जैसी’
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने सोशल मीडिया पर भाजपा के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ये नेता राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। अजय राय ने चेतावनी दी कि जिस तरह गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की थी, वैसी मानसिकता अब कुछ भाजपा नेताओं में दिखाई दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की जनता राहुल गांधी के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। अजय राय ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से देशवासियों से माफी मांगने और संबंधित प्रवक्ता पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
जहरीले आलू से सावधान!
लखनऊ की दुबग्गा सब्जी मंडी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापा मारा और पुराने आलू को केमिकल से नया बनाकर बेचने का मामला सामने आया। मौके से ४६ बोरी आलू जब्त किए गए, जो कुल २,३०० किलोग्राम थे। विशेषज्ञों ने चेताया है कि ऐसे केमिकल वाले आलू सेहत के लिए खतरनाक हैं। यह मामला न सिर्फ व्यापारियों की लापरवाही दिखाता है, बल्कि सरकारी निगरानी की भी आलोचना करता है, क्योंकि बड़े त्योहारों में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा रही। इस कार्रवाई से उपभोक्ताओं की सुरक्षा तो हुई, लेकिन सवाल यह है कि सरकार कब सक्रिय होगी।
