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‘गीता भारती’ कर्मयोग और जीवन-दर्शन का सरल मार्ग…700 श्लोकों का 786 मुक्तकों में काव्यानुवाद

सामना संवाददाता / मुंबई 

चित्रनगरी संवाद मंच की ओर से रविवार को पंडित मुस्तफा आरिफ की पुस्तक ‘गीता भारती’ पर साहित्यिक एवं वैचारिक गोष्ठी आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक श्रीमद्भगवद्गीता के कर्मयोग, कर्तव्य और मानवीय मूल्यों को सरल हिंदी मुक्तकों के माध्यम से प्रस्तुत करती है तथा कर्म के जरिए मोक्ष की यात्रा का संदेश देती है। कार्यक्रम में साहित्य, कला और फिल्म जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. मधुबाला शुक्ल ने लेखक का परिचय देते हुए किया। उन्होंने बताया कि पंडित मुस्तफा आरिफ ने श्रीमद्भगवद्गीता के 700 संस्कृत श्लोकों का 786 हिंदी मुक्तकों में काव्यानुवाद कर इसे आम पाठकों के लिए सहज और सरल बनाया है।
इस भव्य कार्यक्रम का संचालन देवमणि पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि गीता देश-काल की सीमाओं से परे कर्म, स्वधर्म, कर्तव्य और मानवता का सार्वभौमिक संदेश देती है। उन्होंने संत ज्ञानेश्वर, महात्मा गांधी, विनोबा भावे और लोकमान्य तिलक का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्व के अनेक विचारकों और वैज्ञानिकों ने जीवन की जटिल परिस्थितियों में गीता से मार्गदर्शन प्राप्त किया। संस्कृत विद्वान डॉ. आनंद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ‘गीता भारती’ कठिन परिस्थितियों में भी धर्म, कर्तव्य और श्रेष्ठ आचरण का मार्ग दिखाने वाली कृति है। लेखक पंडित मुस्तफ़ा आरिफ़ ने पुस्तक के चयनित मुक्तकों का पाठ करते हुए कहा कि विश्व के सभी महान ग्रंथ कर्म, इंसानियत, प्रेम और भाईचारे का संदेश देते हैं।
‘धरोहर’ श्रृंखला के अंतर्गत अभिनेता सोनू पाहूजा ने प्रेरक लोककथा सुनाई। काव्यपाठ सत्र में हेमंत शर्मा, क़मर हाजीपुरी, विवेक अग्रवाल, अंबिका झा, सविता दत्त, राजीव रोहित और नवीन चतुर्वेदी ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। हास्य कवि सुभाष काबरा ने व्यंग्य रचना के माध्यम से सामाजिक विसंगतियों पर कटाक्ष किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। कार्यक्रम का समापन अभिनेता सतीश दत्त के गीत गायन से हुआ।
इस अवसर पर प्रतिष्ठित लेखक राम बक्ष, आमची मुम्बई’ पुस्तक फेम राजेश विक्रांत, फिल्म पीआरओ समरजीत, गायक शाहनवाज कुरैशी, लेखक सुभाष चंद्र त्रिपाठी, कैमरामैन खालिद अंसारी और फिल्म पत्रकार शामी एम. इरफ़ान सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
पुस्तक ऑनलाइन भी उपलब्ध
कार्यक्रम में बताया गया कि ‘गीता भारती’ पुस्तक Amazon Kindle और Flipkart पर ऑनलाइन उपलब्ध है। इच्छुक पाठक इसे ऑफलाइन भी प्राप्त कर श्रीमद्भगवद्गीता के कर्मयोग, जीवन-दर्शन और मानवीय मूल्यों को सरल हिंदी मुक्तकों के माध्यम से समझ सकते हैं।

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