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खुलने लगे ज्ञानेश कुमार के पाप!..संसद में विपक्ष हुआ आक्रामक… पुणे मनपा में भी ‘वोट चोरी’ के प्रमाण आए सामने

सामना संवाददाता / मुंबई

चुनाव आयोग की मिलीभगत से ‘वोट चोरी’ का मामला इस समय पूरे देश में गरम है। ‘कांग्रेस नेता राहुल गांधी काफी पहले से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इसका जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। अब ज्ञानेश कुमार के पाप खुलने लगे हैं। कल पुणे से लेकर दिल्ली तक इसकी गूंज सुनाई पड़ी। महाराष्ट्र में मतदाता प्रारूप सूची जो आई है, उसमें काफी गड़बड़ियां देखने को मिल रही हैं। कल पुणे में एडवोकेट असीम सरोदे ने एक प्रेस कॉन्प्रâेंस करके इसके सबूत पेश किए। उधर दिल्ली में चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान विपक्ष काफी आक्रामक नजर आया। इस दौरान कांगे्रस सांसद राहुल गांधी और मनीष तिवारी ने मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर जमकर हमला बोला।
कल पुणे में एडवोकेट असीम सरोदे, विश्वंभर चौधरी और उनके साथियों के साथ-साथ महाविकास आघाड़ी के पदाधिकारियों ने भाजपा की ‘वोट चोरी’ का पर्दाफाश किया और इस बात के पक्के सबूत पेश किए कि चुनाव आयोग भाजपा पदाधिकारियों के कहने पर कैसे काम करता है।
बंद कमरे में बनी ड्राफ्ट लिस्ट
कल मीडिया के सामने सीसीटीवी फुटेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग पेश किया गया। इसमें साफ नजर आ रहा है कि कैसे पुणे मनपा के अधिकारियों ने भवानी पेठ में मनपा के जोनल ऑफिस में भाजपा पदाधिकारियों के कहने पर एक बंद कमरे में ड्राफ्ट लिस्ट तैयार की। इस दौरान ३१ अक्टूबर को मनपा ऑफिस की फुटेज दिखाई गई। विश्वंभर चौधरी ने बताया कि इससे पता चलता है कि यह पहले से तय था कि किसे किस वार्ड में रखना है और किसे हटाना है। पुणे मनपा के चुनाव जल्द ही होने वाले हैं।
भाजपाई कर रहे थे ‘वोट चोरी की तैयारी!

पुणे में भी मनपा का चुनाव होनेवाला है। इसके लिए वहां ड्राफट लिस्ट को तैयार किया जा रहा है। इस बारे में चुनाव आयोग ने २० नवंबर को वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट लाने की घोषणा की थी। आपत्ति दर्ज करने की डेडलाइन २७ नवंबर तक थी। बाद में यह डेडलाइन ३ दिसंबर तक बढ़ा दी गई थी। अब आयोग १० दिसंबर को नई ड्राफ्ट लिस्ट की घोषणा करने वाला है। लेकिन उससे पहले, कुछ भाजपा वाले मनपा के हर क्षेत्रीय कार्यालय में बैठे थे। इस बात की पोल कल पुणे के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खोली गई। कल पुणे में एडवोकेट असीम सरोदे और विश्वंभर चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसके सबूत पेश किए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने इस बारे में सीसीटीवी वीडियो मांगा था, क्योंकि वीडियो में भाजपा के पदाधिकारी क्षेत्रीय कार्यालय में बैठे दिख रहे हैं। भाजपा के पदाधिकारी वहां जा रहे थे और मनपा के अधिकारियों को अपने साथ लेकर वोटर लिस्ट चेक कर रहे थे। वे संबंधित मनपा के अधिकारियों को वोटर लिस्ट बदलने के निर्देश भी दे रहे थे। सीसीटीवी फुटेज में पूरी बात साफ दिख रही है कि भाजपा के पदाधिकारी और मनपा के अधिकारी बैठकर अलग-अलग वार्ड की लिस्ट बना रहे हैं। इसमें वॉयस रिकॉर्डिंग भी है। समझा जा रहा है कि भाजपा वालों को फलां वार्ड की चिंता नहीं है, उन्हें यहीं रहने दो। यह कहते हुए साफ सुना जा रहा है कि यह भवानी पेठ का है, इसे १७ नंबर में डाल दो या इसे २३ नंबर में डाल दो। इसलिए यह साफ हो रहा है कि चुनाव आयोग कैसे भाजपा के आदेश पर चल रहा है। क्योंकि भाजपा के पदाधिकारी वोटर लिस्ट लेकर और उसके हिसाब से कर्मचारियों को बदलकर हुक्म चला रहे हैं,’ यह आरोप इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाया गया।

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