मुख्यपृष्ठग्लैमर‘तो मैं दंग रह गई!’ -निम्रत कौर

‘तो मैं दंग रह गई!’ -निम्रत कौर

फिल्म ‘एअरलिफ्ट’, ‘दसवीं’, ‘द लंचबॉक्स’, ‘स्कायफोर्स’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुकीं निम्रत कौर वेब सीरीज ‘फैमिली मैन-३’ की वजह से इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई हैं। ‘द लंचबॉक्स’ से वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनानेवाली निम्रत कौर अमेरिकी टीवी शो ‘होमलैंड’ में भी काम कर चुकी हैं। पेश है, निम्रत कौर से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

आपने वेब सीरीज ‘फैमिली मैन-३’ में निगेटिव रोल क्यों स्वीकारा?
निर्देशक राज और डीके ने मुझे जब मेरे किरदार के बारे में बताया तो मैं दंग रह गई। मेरा खलनायिका न केवल पावरफुल है, बल्कि यह एक ‘कड़वा चॉकलेट’ है, क्योंकि यह न केवल जटिल है, बल्कि एक आम इंसान के लिए असंभव है। मुझे अपने किरदार की चंचलता और बेबाक निर्दयता बेहद पसंद है और यही अजीब गुण उसे सबसे अलग बना देते हैं।

अपने रोल के प्रति आपका दृष्टिकोण कैसा था?
खलनायिका की भूमिका मैं इसलिए निभा पाई क्योंकि मैंने पहले शो नहीं देखा था, जिससे मुझे किरदार के अनोखे नजरिए को अपनाने का मौका मिला। मुझे अपने किरदार ‘मीरा’ की सोच ‘मर्दाना’ लगी और मैंने राज और डीके के साथ लंबे समय तक काम करने की इच्छा जताई। एक कलाकार होने के नाते अगर मैं अपने किरदार के साथ अलग एक्सपेरिमेंट नहीं करती या सिर्फ स्टीरियोटाइप रोल करूं तो अभिनय का मतलब ही नहीं बनता। खुद के ग्रोथ के लिए विविधता भरे किरदार करना निहायत जरूरी है।

 मनोज बाजपेयी के साथ वैâसे रहे आपके अनुभव?
मनोज में बेशुमार संभावनाएं हैं। मनोज बहुत ही सक्षम एक्टर हैं। पानी रे पानी तेरा रंग वैâसा हम कहते हैं न, क्योंकि पानी जिस रंग में डालो उस रंग का हो जाता है। मनोज को दुनिया का कोई भी किरदार दीजिए, वो उसका सोना कर देंगे, यह हम सभी ने महसूस किया है। ‘द पैâमिली मैन-३’ इस वेब सीरीज से पहले भी मनोज के साथ काम करने का मौका आया था, पर वर्क आउट नहीं हुआ। किस्मत ने यह मौका अब दिया। मनोज की अदाकारी से बहुत कुछ सीखने जैसा है। सहज एक्टर हैं मनोज।

 सुना है, आपके किरदार को पहले पुरुष किरदार को ध्यान में रखकर लिखा गया था?
हां, यह सच है। निर्देशक राज निदिमोरू के अनुसार, मीरा की भूमिका मूलरूप से एक पुरुष पात्र के रूप में सोची गई थी। फिर बाद में बदलाव किए गए।

 क्या कभी आपका मन पूरी तरह से कमर्शियल एक्ट्रेस का किरदार करने का नहीं होता?
यह कहना इसलिए मुश्किल है क्योंकि विविधता भरे किरदार निभाना मैं चाहूँ या न चाहूं, लेकिन ऐसी कहानी, स्क्रिप्ट, किरदार, निर्देशक, प्रोडक्शन हाउस यह सभी का एक साथ मिलना मायने रखता है। सिर्फ रोल ग्लैमरस है, इस वजह से नहीं किया जा सकता न! उम्मीद करती हूं कि आनेवाले समय में ऐसे किरदार मिलें, जिनमें दमखम हो, विविधता हो। मेरे अपोजिट कौन हीरो है या नहीं है, यह बात मायने नहीं रखती।

 अमेरिकन सीरीज में काम करने का अनुभव कैसा रहा?
बहुत अच्छा और काफी अलग था। वो अमेरिकन सीरीज थी इसलिए लोभ नहीं, लेकिन यह एक ऐसा किरदार था, जो अपने आप में अलग था। इसे मैंने एन्जॉय किया।

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