मुख्यपृष्ठनए समाचारदूध में मिला यूरिया, डिटर्जेंट और सोड़ा...तो ‘मिट्टी' में मिला देंगे!

दूध में मिला यूरिया, डिटर्जेंट और सोड़ा…तो ‘मिट्टी’ में मिला देंगे!

-एफडीए आयुक्त ने दुग्ध व्यावसायियों को चेताया

सामना संवाददाता / मुंबई

महाराष्ट्र में दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) आयुक्त तुकाराम मुंढे ने दूध कारोबार से जुड़े सभी व्यावसायियों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी कर सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं तक शुद्ध और सुरक्षित दूध पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। नियमों का उल्लंघन करनेवालों तथा दुग्ध पदार्थों में मिलावट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मिलावटखोरों को जेल जाना पड़ेगा, साथ ही जब्त माल को नष्ट कर दिया जाएगा।
एफडीए की हालिया जांच में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से दूध में पानी की मिलावट, कृत्रिम दूध की बिक्री, यूरिया, डिटर्जेंट, कास्टिक सोडा, स्टार्च, ग्लूकोज और मेलामाइन जैसे रसायनों के इस्तेमाल के मामले सामने आए हैं। इसके अलावा दूध में निर्धारित पैâट और एसएनएफ मानकों का उल्लंघन, अफ्लाटॉक्सिन एम-१ और एंटीबायोटिक अवशेषों की मौजूदगी, शीत शृंंखला का पालन न करना, बिना लाइसेंस कारोबार करना तथा गलत लेबलिंग कर उपभोक्ताओं को गुमराह करने जैसी अनियमितताएं भी पाई गई हैं।
मिलावट पर होती रहेगी कार्रवाई
मुंढे ने कहा कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को शुद्ध दूध प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि मिलावटमुक्त दूध उपलब्ध कराना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि दूध उत्पादकों, प्रसंस्करण इकाइयों, विक्रेताओं, उपभोक्ताओं और समाज की साझा जिम्मेदारी है।
आयुक्त की ग्राहकों से अपील
एफडीए ने उपभोक्ताओं से दूध खरीदते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि हमेशा सीलबंद पैक खरीदें, उत्पाद का लेबल ध्यान से पढ़ें, एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर, निर्माण और एक्सपायर्ड तिथि अवश्य जांचें। संदिग्ध दूध खरीदने से बचें, खुले या कच्चे दूध को उबालकर ही इस्तेमाल करें और मिलावट की आशंका होने पर तुरंत संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज कराएं।

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