-भिवंडी-निजामपुर मनपा चुनाव में बड़ी कार्रवाई
-दो-दो सुनवाई के बाद कोकण मंडल आयुक्त का सख्त आदेश
सुनील ओसवाल/ठाणे-कल्याण
भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका चुनाव-२०२६ में चुनावी खर्च का अनिवार्य ब्यौरा निर्धारित समय सीमा के भीतर जमा नहीं करने वाले २४ प्रत्याशियों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कोकण मंडल आयुक्त रुबल अग्रवाल ने इन सभी प्रत्याशियों को अगले तीन वर्षों तक किसी भी महानगरपालिका चुनाव लड़ने और पार्षद बनने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है।
राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, प्रत्येक प्रत्याशी के लिए चुनावी खर्च का पूरा लेखा-जोखा निर्धारित अवधि में जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इसके बावजूद संबंधित २४ प्रत्याशियों ने बार-बार अवसर दिए जाने के बाद भी अपना खर्च विवरण जमा नहीं किया।
भिवंडी-निजामपुर मनपा चुनाव-२०२६ में कुल ४३८ प्रत्याशी मैदान में थे। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी को खर्च का विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। नगर आयुक्त एवं जांच अधिकारी की रिपोर्ट में २४ प्रत्याशियों द्वारा समय पर हिसाब जमा नहीं करने की पुष्टि होने के बाद उनके विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव कोकण मंडल आयुक्त कार्यालय को भेजा गया।
प्रशासन ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए २५ मई और २९ जून २०२६ को दो अलग-अलग सुनवाई भी आयोजित कीं, ताकि संबंधित प्रत्याशी अपना पक्ष रख सकें। हालांकि, कोई भी प्रत्याशी सुनवाई में उपस्थित नहीं हुआ। इसके बाद उपलब्ध रिकॉर्ड और राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया गया।
पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी
महानगरपालिका अधिनियम, १९४९ की धारा १०(१) (ई) तथा राज्य निर्वाचन आयोग के १५ फरवरी २०२४ के आदेश के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए २ जुलाई २०२६ को जारी आदेश में २४ प्रत्याशियों को तीन वर्ष के लिए अयोग्य घोषित किया गया। इस अवधि में वे न तो मनपा का चुनाव लड़ सकेंगे और न ही मनपा के सदस्य बन सकेंगे। यह कार्रवाई चुनावी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
