– विपक्ष ने कहा, उनकी मजबूत सीटों को बनाया निशाना
रमेश ठाकुर / नई दिल्ली
भारी विरोध के बीच चुनाव आयोग ने बिहार में मतदाता पुनरीक्षण कार्य पूरा कर मंगलवार को वोटरों की अंतिम लिस्ट जारी कर दी। एसआईआर का मुद्दा आग की भांति फैला था, उसकी तपिश सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची थी। लेकिन सभी को दरकिनार करते हुए, जैसा चुनाव आयोग ने चाहा वैसा किया। बीते लोकसभा चुनाव में 7 करोड़ 89 लाख मतदाताओं ने वोट डाला था जिनमें 47 लाख वोटरों के नाम काटे गए हैं। अब केवल 7 करोड़ 42 लाख वोटर आगामी विधानसभा चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। हटाए गए वोटरों में 22 लाख से अधित मृत मतदाता, करीब 35 लाख विस्थापित मतदाता बताए गए। वहीं, करीब 7 लाख वोटर ऐसे पाए गए जिनका नाम दो जगहों पर दर्ज मिला। अंतिम लिस्ट आने के बाद भी हंगामा शुरू हुआ है। हालांकि, चुनाव आयोग ने दावा आपत्तियों वाले वोटरों को 30 दिन का समय दिया है। मालूम हो, कि चुनाव आयोग ने फाइनल पुनरीक्षण रिपोर्ट जैसे ही सार्वजनिक की, विपक्षी दलों ने विरोध भी दर्ज करवाना शुरू कर दिया। कांग्रेस और आरजेडी का आरोप है जितने वोटर काटे गए हैं वह सभी उनके समर्थक थे। आरजेडी प्रवक्ता प्रियंका भारती ने कहा, जहां गठबंधन के प्रत्याशी पिछले चुनाव जीते थे और इस बार जीतने वाले हैं, उन्हीं सीटों पर निशाना साधकर वोट काटे गए हैं।
– किन-किन जिलों में कितने काटे गए वोट
पश्चिम चम्पारण से 191376, पूर्वी चम्पारण से 316793, शिवहर से 28166, सीतामढ़ी से 244962, मधुबनी से 352545, सुपौल से 128207, अररिया से 158072, किशनगंज से 145668, पूर्णिया से 273920, कटिहार से 184254, मधेपुरा से 98076, सहरसा से 131596, दरभंगा से 203315, मुजफ्फरपुर से 282845, गोपालगंज से 310363, सीवान से 221711, सारण से 273223, वैशाली से 225953, समस्तीपुर से 283955, बेगूसराय से 167756, खगड़िया से 79551, भागलपुर से 244612, बांका से 117346, मुंगेर से 74916, लखीसराय से 48824, शेखपुरा से 26256, नालंदा से 138505, पटना से 395500, भोजपुर से 190832, बक्सर से 87645, कैमूर (भभुआ) से 73940, रोहतास से 156148, अरवल से 30180, जहानाबाद से 53089, औरंगाबाद से 159980, गया से 245663, नवादा से 126450 और जमुई से 91882 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
