राधेश्याम सिंह / वसई
नालासोपारा-पूर्व में अवैध गर्भपात की दवाइयां देने वाले एक बीएएमएस डॉक्टर के खिलाफ वसई-विरार मनपा स्वास्थ्य विभाग और पेल्हार पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की है। दर्ज एफआईआर के अनुसार, डॉ.खान जभीउल्ला अब्दुला, संचालक शाहीना क्लिनिक (सिद्धिविनायक चॉल, धानीवबाग तालाब) में बिना किसी अधिकार और पात्रता के गर्भपात की दवाइयां मरीजों को दे रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने एक डमी पेशेंट को क्लिनिक पर भेजा, जहां डॉक्टर ने गर्भपात की दवा उपलब्ध कराने के लिए १,५०० रुपए की मांग की। ८ दिसंबर को डमी पेशेंट को तीन अलग-अलग जिपलॉक बैग में गर्भपात की गोलियां देकर डॉक्टर ने दवा सेवन का समय भी बताया। इसके बाद वैद्यकीय अधिकारी डॉ. कृष्णा युवराज गोसावी, डॉ. पूजा गुप्ता और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस सहायता लेकर क्लिनिक पर छापेमारी की। जांच में एलोपैथिक इंजेक्शन, सलाइन, एंटीबायोटिक्स, डिस्चार्ज कार्ड, हॉस्पिटल के एडमिशन पेपर, यूपीटी किट सहित कई मेडिकल सामग्री अवैध रूप से क्लिनिक में पाई गई, जिसे पंचों की मौजूदगी में सील किया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि डॉ. जभीउल्ला खान स्त्रीरोग एवं प्रसूति विशेषज्ञ नहीं है और उसे गर्भपात की दवाइयां देने का कानूनी अधिकार भी नहीं है। इसके बावजूद वह अवैध रूप से यह कार्य कर रहा था। स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर पेल्हार पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग आगे की जांच में जुटे हुए हैं।
