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इटावा में रातों-रात प्रशासन ने मजार ध्वस्त कर जमीन पर वृक्षारोपण कर दिया!

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

इटावा में जिला प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने “इटावा सफारी पार्क” के पीछे वन भूमि पर अवैध रूप से बनी ‘बीहड़ वाले सैयद बाबा’ की मजार को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। तीन महीने तक चली लंबी कानूनी सुनवाई के दौरान मजार के केयरटेकर फजले इलाही और उनके सहयोगी जमीन के मालिकाना हक के जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने में पूरी तरह असमर्थ रहे। इसके बाद विशेष वन विभाग की कोर्ट से जारी आदेश के अनुपालन में अधिकारियों ने मीडिया की नजरों से दूर रहकर गुप्त तरीके से इस पूरी कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से अंजाम दिया। मलबा हटाने के तुरंत बाद वन विभाग ने उस विवादित जमीन पर सैकड़ों पौधे रोपित कर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण भी कर दिया।
बीहड़ में स्थित इस मजार को हटाने के लिए प्रशासन ने बेहद गुप्त रणनीति अपनाई। रात के अंधेरे में कड़ी सुरक्षा के घेरे में सबसे पहले वहां मौजूद अवशेषों और पूजा-अर्चना की सामग्रियों को हटाया गया। बुलडोजर चलाकर वहां बने कमरों और मजार के ढांचे को जमींदोज कर दिया गया तथा सुबह होने तक मलबे को भी मौके से हटा दिया गया।
बढ़पुरा वन रेंज के रेंजर अशोक शर्मा ने पूर्व में बताया था कि वन भूमि पर अनधिकृत तरीके से बनी इस मजार के केयरटेकर को विभाग की ओर से बाकायदा नोटिस जारी किया गया था। उनसे जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। लगातार तीन महीने तक चली कई तारीखों की सुनवाई के बाद भी केयरटेकर फजले इलाही और उनके सहयोगी कोई भी वैध कागज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई।
मजार के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी होते ही वन विभाग की टीम ने उस खाली हुई जगह को अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि, इस बड़ी कार्रवाई के संपन्न होने के बाद जिला प्रशासन और वन विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

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