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मदद के नाम पर सरकार बांट रही है सिर्फ चूरन!..आदित्य ठाकरे का जोरदार हमला

सामना संवाददाता / मुंबई

मूसलाधार बारिश से राज्य पर गंभीर संकट आया है। लेकिन महायुति सरकार की ओर से मदद के नाम पर सिर्फ घोषणाओं का चूरन बांटा जा रहा है। किसानों तक अभी तक मदद पहुंची ही नहीं है। इस तरह का जोरदार हमला शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने कल किया। इसके साथ ही उन्होंने यह भी तंज कसा कि सरकार अपनी ही मस्ती में मग्न है।
आदित्य ठाकरे ने मीडिया से बात करते हुए राज्य की बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से जनता के पैसों की फिजूलखर्ची की जा रही है, लेकिन राज्य के किसानों की आवाज सरकार सुन ही नहीं रही।
पीड़ितों को मिले मुआवजा
मूसलाधार बारिश से पीड़ित किसानों को प्रति हेक्टेयर ५० हजार रुपए मुआवजा और कर्ज मुक्ति की शिवसेना की मांग है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि ब्रांडिंग, सीएसआर या जनता की ओर से मदद जारी रहेगी। लेकिन सरकार की ओर से जो ठोस मदद होनी चाहिए, वह नहीं हो रहा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
‘बाढ़ प्रभावितों को दो पीएम केयर्स से मदद!’
महाराष्ट्र में भारी बारिश से किसान काफी प्रभावित हुए हैं। पीएम केयर्स से फंड देकर उनकी मदद करो। इस तरह की मांग शिवसेना नेता व विधायक आदित्य ठाकरे ने की है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि पीएम केयर्स का पैसा कहां गया, यह सवाल शिवसेना लगातार उठा रही है। मूसलाधार बारिश और बाढ़ की स्थिति के संकट में पीएम केयर्स फंड का पैसा इस्तेमाल किया जाना चाहिए। यह शिवसेना की मांग है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार पीएम केयर्स का पैसा वितरित करेगी, तो उनकी होर्डिंग्स और तस्वीर हम लगाएंगे।
किसानों के पैसों की चुनावों में फिजूलखर्ची
पिछले ढाई वर्षों के किसानों की मदद के १५ हजार करोड़ रुपए अभी भी बकाया हैं। इस पर आदित्य ठाकरे ने सरकार पर निशाना साधा और बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि उन पैसों की चुनाव वाले राज्यों में फिजूलखर्ची हो रही है। बिहार में वर्षों से भाजपा की सत्ता है और अब वे वोट खरीदने के लिए पैसों की फिजूलखर्ची कर रहे हैं। उन्होंने सवाल पूछा कि ऐसी स्थिति में जनता को क्या करना चाहिए।
मुंबई में धीमी गति से चल रहे कामों को लेकर भी आदित्य ठाकरे ने सरकार पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सायन और तिलक पुल के काम उचित नियोजन के अभाव में अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। डिलाईल रोड के पुल में इतनी देरी हुई थी कि उसका नाम हमने डिले रोड रख दिया था। मेट्रो-२ का काम भी लंबे समय तक अटका रहा। नवरात्रोत्सव और दिवाली को ध्यान में रखकर काम शुरू करने का आग्रह शिवसेना ने किया था, लेकिन एमएमआरडीए अपनी ही जल्दबाजी में है

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