एशियन गेम्स २०२६ में शनिवार का दिन भारत के लिए पदकों की बारिश लेकर आया। भारत ने क्रिकेट, कुश्ती, तीरंदाजी और गोल्फ समेत कई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी पदक तालिका को मजबूत किया। पुरुष क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को १९ रनों से हराकर लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीता। तीरंदाजी में कुमकुम मोहोड़ ने स्वर्ण और नीरज चौहान ने कांस्य पदक अपने नाम किया। गोल्फ में प्रणवी उर्स ने व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारतीय महिला टीम ने रजत पदक हासिल किया। कुश्ती में अमन सहरावत ने भी स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दिन के मुकाबले खत्म होने के बाद भारत के खाते में २१ स्वर्ण, २७ रजत और ३७ कांस्य समेत कुल ८५ पदक पहुंच गए। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।
हॉकी में ४४ साल बाद सोना झटका!
भारतीय हॉकी के लिए एशियन गेम्स २०२६ किसी जश्न से कम नहीं रहा। पहले महिला टीम ने चीन को १-० से हराकर ४४ साल बाद स्वर्ण पदक झटका और फिर पुरुष टीम ने मलेशिया को ५-१ से रौंदकर गोल्ड अपने नाम कर लिया। यानी एक ही एशियाड में भारत की महिला और पुरुष टीम-दोनों चैंपियन! महिला टीम की जीत की नायिका बनीं लालरेमसियामी, जिन्होंने अपने २००वें अंतर्राष्ट्रीय मैच में १०वें मिनट में गोल दागकर कमाल कर दिया। ऊपर से गोलकीपर सविता पुनिया ने पेनल्टी स्ट्रोक रोककर चीन की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इसके बाद हरमनप्रीत सिंह की अगुआई में पुरुष टीम ने भी मलेशिया को कोई मौका नहीं दिया। इस डबल गोल्ड के साथ दोनों टीमों ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक २०२८ का सीधा टिकट भी कटा लिया। ४४ साल बाद भारतीय हॉकी ने सचमुच डबल धमाका कर दिया!
भारत ने आखरी १८गेंदों में लिखी गोल्डन कहानी!..बुमराह-दुबे ने पलटा पूरा खेल
एशियन गेम्स के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को १९ रन से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। मुकाबला ऐसा रहा कि आखिरी तीन ओवर में हर गेंद पर रोमांच बढ़ता गया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए ६ विकेट पर २११ रन बनाए। अभिषेक शर्मा ने ६१ और तिलक वर्मा ने नाबाद ५१ रन ठोककर पाकिस्तान के सामने बड़ा लक्ष्य रखा। जवाब में पाकिस्तान ने १७ ओवर में ४ विकेट पर १६० रन बनाकर मुकाबले में जान डाल दी थी। आखिरी १८ गेंदों में उसे ५२ रन चाहिए थे और हसन नवाज ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे थे। फिर आया भारतीय गेंदबाजों का असली जलवा! वॉशिंगटन सुंदर ने १८वें ओवर में सिर्फ ८ रन देकर विकेट निकाला। इसके बाद बुमराह ने १९वें ओवर में महज ११ रन दिए। आखिरी ओवर में ३३ रन चाहिए थे। शिवम दुबे ने दबाव कायम रखा और अंतिम गेंद पर नवाज को आउट कर भारत की जीत पक्की कर दी। भारत ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट का गोल्ड जीत लिया।
