गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के पाटडी सरकारी अस्पताल में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मरीज की मौत के बाद उसके रिश्तेदार के साथ पुलिस ने बर्बरता की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने गुजरात पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी, जिनमें पाटडी के पुलिस इंस्पेक्टर और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं, मृतक के रिश्तेदार को थप्पड़ और लातों से पीट रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, पाटडी सरकारी अस्पताल में एक मरीज की तबीयत बिगड़ने पर उसे भर्ती किया गया था। मरीज के रिश्तेदारों का आरोप है कि अस्पताल में उस समय कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, जिसके कारण मरीज को समय पर उपचार नहीं मिल सका और उसकी मौत हो गई। मरीज की मौत से आहत और गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से डॉक्टर की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठाए और इसकी शिकायत की। इसी दौरान मामला गंभीर हो गया और अस्पताल में अराजकता का माहौल बन गया।
भाजपा के `गुजरात, मॉडल’ की खुली पोल
यह घटना गुजरात के स्वास्थ्य सेवाओं और कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाती है। एक ओर जहां सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी जैसी गंभीर समस्या उजागर हुई है, वहीं दूसरी ओर पुलिस का यह व्यवहार संवेदनशीलता की कमी को दर्शाता है। इस घटना ने ‘गुजरात मॉडल’ के दावों पर भी सवाल खड़े किए है।
गुजरात पुलिस की क्रूरता कैमरे में कैद
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को बुलाया गया। लेकिन, पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय, मृतक के एक रिश्तेदार के साथ कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी। गुजरात पुलिस की क्रूरता वैâमरे मे वैâद हो गई।
