उमा सिंह
भारतीय रेलवे में कब क्या देखने को मिल जाए, कोई नहीं जानता। अभी लोग `सुहागरात कोच’ के सदमे से उबरे भी नहीं थे कि पटरी पर दौड़ती ट्रेन अब सीधे `कीर्तन मंडली’ में तब्दील हो गई। जी हां, सोशल मीडिया पर एक वीडियो ऐसा वायरल हुआ है, जिसे देखकर लोग माथा पीट रहे हैं और पूछ रहे है, `भाई, ये ट्रेन है या सीधा हरिद्वार का टिकट?’ वायरल वीडियो में एक पंडित जी ट्रेन के फर्श पर बकायदा आसन जमाए बैठे हैं। आस-पास सफेद चोले में श्रद्धालु मगन हैं और चलती ट्रेन में मंत्रोच्चार के साथ पूजा-पाठ और अभिषेक का पूरा ठेका लिया जा चुका है। वीडियो देखकर जनता भड़क गई कि भाई, कल को कोई ट्रेन में `यज्ञ’ भी करवा देगा क्या? मामला जब सोशल मीडिया पर ज्यादा गर्म हुआ, तो रेलवे ने तुरंत अपनी सफाई की `चादर’ ओढ़ ली। नॉर्दर्न रेलवे ने `एक्स’ पर आकर खुलासा किया कि यह कोई आम पैसेंजर डिब्बा नहीं था, बल्कि एक आलीशान, वीआईपी `सैलून कार’ थी, जिसे बकायदा ३,०८,५८० रुपए का भारी-भरकम एडवांस पेमेंट देकर आईआरटीसीटीसी के जरिए प्राइवेट बुक किया गया था। १० जुलाई को नई दिल्ली से मुंबई जाने वाली पश्चिम एक्सप्रेस में जोड़ी गई थी। रेलवे ने साफ किया कि जब पार्टी ने तीन लाख से ज्यादा जेब ढीली की है, तो वह अंदर बेडरूम, किचन और लिविंग रूम में पूजा करे या कथा सुने, यह उनकी मर्जी है। रेलवे ने यह भी भरोसा दिलाया कि इस `चलती-फिरती पूजा’ से ट्रेन की सुरक्षा या समय सारणी में कोई समझौता नहीं हुआ। खैर, पैसा हो तो क्या कुछ नहीं हो सकता, अब ट्रेन में सफर भी कीजिए और पुण्य भी कमाइए। इ तव सब गजबे हैं भइया…!
