मुख्यपृष्ठधर्म विशेषजीवन दर्पण : निश्चित ही होगी संतान...कालसर्प योग की करवाएं पूजा

जीवन दर्पण : निश्चित ही होगी संतान…कालसर्प योग की करवाएं पूजा

काशी के सुप्रसिद्ध ज्योतिर्विद

 डॉ. बालकृष्ण मिश्र

गुरुजी, शादी को कई वर्ष हो जाने के बावजूद अभी तक संतान सुख नहीं मिल पाया है?
– देवेंद्र तिवारी
(जन्म- १ मार्च १९९४, समय- रात्रि ३.५१, स्थान- भांडुप, मुंबई)
देवेंद्र जी, आपका जन्म धनु लग्न में हुआ है और आपकी राशि कन्या बन रही है। संतान का विचार पंचम भाव से किया जाता है और पंचम भाव का स्वामी मंगल है। यदि पंचम भाव का स्वामी मंगल हो तो संतान का योग विलंब से बनता है। आपको संतान निश्चित होगी, क्योंकि लग्न भाव का स्वामी देवगुरु बृहस्पति लाभ भाव पर बैठ करके संतान भाव को अपनी पूर्ण दृष्टि से देख रहा है। संतान आपको निश्चित होगी, लेकिन आपकी राशि पर शेषनाग नामक कालसर्प योग बना हुआ है, जिससे संकेत दिखाई दे रहा है कि पूर्व जन्म के सर्पश्राप के प्रभाव से आपको संतान में विलंब हो रहा है। शेषनाग नामक कालसर्प योग की पूजा आप जरूर करवाएं। जीवन को विस्तारपूर्वक जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।
गुरुजी, मेरा भविष्य कैसा है और क्या मेरी कुंडली में कालसर्प योग है?
– शुभम यादव
(जन्म- २५ नवंबर २०००, समय- २:५५ दोपहर, स्थान- जौनपुर, उत्तर प्रदेश)
शुभम जी, आपका जन्म शनिवार के दिन विशाखा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ है और आपकी राशि वृश्चिक बन रही है। अमावस्या तिथि में आपका जन्म हुआ है और अमावस्या तिथि में चंद्रमा क्षीण हो जाता है। यदि लग्न के आधार पर हम देखें तो मीन लग्न में आपका जन्म हुआ है और चंद्रमा भी नीच राशि का है, जो पंचम भाव का स्वामी और नीच राशि का हो करके भाग्य भाव पर बैठा है। इस कारण आपकी शिक्षा कमजोर होनी चाहिए। इसके साथ ही आपकी कुंडली में दशम भाव पर केतु और सुख भाव पर राहु बैठ करके शंखपाल नामक कालसर्प योग बनाया हुआ है। यदि महादशा के आधार पर हम देखें तो बुध की महादशा चल रही है। आपकी कुंडली में सप्तम भाव का स्वामी हो करके बुध अष्टम भाव पर बैठा है, जिस कारण आपके मन की एकाग्रता नहीं हो पा रही है इसलिए कालसर्प योग की पूजा यदि आप नाग पंचमी के दिन वैदिक विधि से करवाते हैं तो आपके लिए यह विशेष लाभदायक हो जाएगा।
गुरुजी, मेरी कुंडली के दोष के साथ ही बताएं कि मेरा करियर कैसा होगा? -मोनू
(जन्म- १९ जून २००२, समय- रात्रि १२.३० बजे, स्थान- गाजीपुर, उत्तर प्रदेश)
मोनू जी, आपका जन्म बुधवार के दिन हस्त नक्षत्र के द्वितीय चरण में हुआ है और आपकी राशि कन्या बन रही है। यदि आपके करियर को हम देखें तो मीन लग्न में आपका जन्म हुआ है और मीन लग्न का स्वामी बृहस्पति दशम भाव का स्वामी हो करके चौथे भाव पर बैठकर अपनी पूर्ण सप्तम दृष्टि से दशम भाव को देख रहा है। अगर आप माता-पिता का सम्मान करते हुए उनकी बात मानेंगे तभी आपका करियर बेहतर होगा वरना आपका करियर गड़बड़ा जाएगा, क्योंकि आपकी कुंडली में भाग्य ग्रहण दोष भी बना हुआ है। आपकी कुंडली में कालसर्प योग होने के साथ ही आपकी कुंडली मांगलिक है। मांगलिक होने के कारण जीवन साथी के चयन में परेशानियां आएंगी। माता-पिता की बात मानते हुए यदि आप कोई भी काम करेंगे तो न केवल आपका करियर, बल्कि आपका शादीशुदा जीवन भी बेहतर होगा। वैदिक विधि से कालसर्प योग की पूजा करवाएं। जीवन के विस्तार को जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

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