अनिल मिश्र / रांची
झारखंड उच्च न्यायालय ने पेसा एक्ट लागू नहीं किये जाने पर झारखंड की प्रदेश सरकार से जबाब मांगा है और लघु खनिज एवं बालू घाटों के आवंटन पर रोक को बरकरार रखा।इस संबंध में झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की अदालत में पेसा एक्ट लागू नहीं करने के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार से पूछा कि पेसा एक्ट कानून कितने दिनों में बनाकर लागू किया जाएगा
इस दौरान झारखंड सरकार की ओर से बालू एवं लघु खनिज के आवंटन पर रोक को हटाने का आग्रह किया गया। लेकिन अदालत ने रोक को बरकरार रखा है। गौरतलब हो कि इस संबंध में आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की ओर से झारखंड उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दाखिल की गई है।
इस बीच इस खंडपीठ ने इसकी पूरी जानकारी शपथ पत्र के माध्यम से अदालत में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जबकि इस मामले में अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी।
