सामना संवाददाता / मुंबई
मनपा चुनावों के बीच जलगांव की सियासत में बड़ा धमाका हो गया है। लंबे समय से शांत दिख रहे वरिष्ठ नेता और विधायक एकनाथराव खडसे आखिरकार खुलकर चुनावी मैदान में उतर आए हैं। सबसे अहम बात यह रही कि जिस दिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जलगांव दौरे पर थे, उसी दिन खडसे भी पूरी ताकत के साथ प्रचार में सक्रिय नजर आए। सीएम का दौरा उधर और खडसे की प्रचार यात्रा इधर, इस संयोग ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इसे सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को चुनौती देने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। मंगलवार को उन्होंने इच्छादेवी चौफुली स्थित इच्छादेवी मंदिर में महाविकास आघाड़ी के प्रचार का नारियल फोड़कर अपने इरादे साफ कर दिए।
खडसे ने इससे पहले स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर राष्ट्रवादी कांग्रेस की नपा चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया था, लेकिन अब अचानक उनकी सक्रिय एंट्री ने साफ कर दिया है कि वे सिर्फ पर्दे के पीछे नहीं, बल्कि प्रâंटफुट पर खेल खेलने आए हैं। अब सवाल यह है कि क्या खडसे खुद महाविकास आघाड़ी के उम्मीदवारों के लिए जनसभाएं करेंगे और उन सभाओं से भाजपा पर सीधा हमला बोलेंगे?
इसी बीच खडसे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस को लेकर बड़ा बयान देकर सियासत और गरमा दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी का डीएनए एक ही है और भविष्य में दोनों राष्ट्रवादी गुट एक हो सकते हैं। उनके इस बयान को बीजेपी और अजीत पवार गुट के लिए बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है। भाजपा पर हमला बोलते हुए खडसे ने कहा कि मुंबई के महापौर पद को लेकर भाजपा के भीतर ही मराठी और हिंदू को लेकर मतभेद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मराठी आदमी की अलग-अलग परिभाषाएं गढ़ रही है और यह पार्टी की दोहरी नीति को उजागर करता है।
अब तक का सबसे तीखा वार
खडसे ने बीजेपी पर अब तक का सबसे तीखा वार करते हुए कहा कि पहले की भाजपा और आज की भाजपा में जमीन-आसमान का फर्क है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के लालच में भाजपा ने भ्रष्टाचारियों और गुंडा प्रवृत्ति के लोगों को खुलकर अपनाया है और उन्हें टिकट तक दिए जा रहे हैं। खडसे ने कहा कि पहले भाजपा को देखने का नजरिया अलग था, लेकिन अब पार्टी की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।
