मुख्यपृष्ठस्तंभहल्का-फुल्का: मौसम ने चुराई नींद!

हल्का-फुल्का: मौसम ने चुराई नींद!

एम एम एस

लीजिए जनाब! अब तक हम सोचते थे कि हमारी नींद सिर्फ ऑफिस के काम, देर रात तक इंस्टाग्राम की रील्स निहारने या बॉस की डांट की वजह से उड़ती है। लेकिन ‘क्लाइमेट सेंट्रल’ की एक ताजा रिपोर्ट ने सारा का सारा भांडा फोड़ दिया है ‘क्लाइमेट चेंज’ यानी बदलते मौसम पर! जी हां, मौसम ने अब सीधे हमारी नींद पर डाका डालना शुरू कर दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में बढ़ती गर्मी की वजह से लोग हर साल औसतन ५६ घंटे की नींद गवां रहे हैं और अपने भारत देश में तो मामला और भी गरमा-गरम है! यहां रातें इतनी गर्म हो रही हैं कि मीठे सपनों की जगह पसीने की बूंदें ले रही हैं। अब रात में चादर ओढ़ो तो पसीना आए और चादर हटाओ तो मच्छरों का तानपुरा बजने लगे! एसी चलाओ तो बिजली का बिल डराए, और पंखा चलाओ तो वो सिर्फ गर्म हवा के थपेड़े मारे। इंसान पूरी रात करवटें बदलते-बदलते सुबह की चाय का इंतजार करता है। नतीजा? सुबह उठते ही आंखें लाल, दिमाग पस्त और चेहरा ऐसा जैसे रात भर किसी ने कुश्ती लड़वाई हो! तो जनाब, अगली बार अगर आपको ऑफिस में काम करते-करते झपकी आ जाए और बॉस आपको घूरकर देखे तो घबराइए मत। सीना तानकर मुस्कुराइए और कह दीजिए, ‘सर, इसमें मेरी कोई गलती नहीं है, यह तो ग्लोबल वार्मिंग की करामात है!’

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