-बालासाहेब के नाम पर उद्घाटन, अब १५ लाख के खर्च से भाग रही भाजपा शासित मनपा
सुरेश गोलानी / भायंदर
जनता की गाढ़ी कमाई के १२८ करोड़ रुपए खर्च करके भायंदर पूर्व में बनाई गई ‘हिंदूहृदयसम्राट स्व. बालासाहेब ठाकरे आर्ट गैलरी’ के भविष्य और संचालन को लेकर भाजपा शासित मीरा-भायंदर महानगरपालिका की नीति पर सवाल उठ रहे हैं। तड़क-भड़क के साथ १५ जून २०२६ को इस आर्ट गैलरी का उद्घाटन तो कर दिया गया, लेकिन संचालन की नीति तय नहीं होने से यह अब तक जनता के लिए शुरू नहीं हो सकी है। हर महीने करीब १५ लाख रुपए के रखरखाव खर्च का हवाला देकर मनपा इस भव्य कलादालन को खुद चलाने के बजाय राज्य सरकार के सांस्कृतिक कार्य विभाग, महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम या किसी अन्य बाहरी संस्था को सौंपने की तैयारी में है। इस संबंध में १६ अक्टूबर को होने वाली महासभा में अंतिम नीतिगत निर्णय लिया जाएगा।
मनपा के प्रस्ताव के अनुसार, आर्ट गैलरी की सुरक्षा, साफ-सफाई, तकनीकी कर्मचारियों, टिकट काउंटर के कर्मचारियों और उद्यान के रखरखाव के साथ-साथ केंद्रीय वातानुकूलन प्रणाली, डीजी सेट, सीसीटीवी और लिफ्ट के संचालन पर हर महीने करीब १५ लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। मनपा ने इस जगह का मासिक किराया १४,६३,९०९ रुपए निर्धारित किया है। इसके अलावा, भवन के सिविल और विद्युत कार्यों की मरम्मत पर दोष दायित्व अवधि समाप्त होने के बाद भारी अतिरिक्त खर्च आने की आशंका है।
बालासाहेब के नाम पर राजनीति, अनुयायियों में नाराजगी!
महाराष्ट्र की राजनीति और जनमानस में विशिष्ट स्थान रखने वाले हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे ने जीवनभर देश के गौरव और आम जनता के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाया। उनके नाम पर बनी इस आर्ट गैलरी को लेकर अब संचालन का सवाल खड़ा हो गया है। आलोचकों का आरोप है कि श्रेय लेने के लिए जल्दबाजी में उद्घाटन तो कर दिया गया, लेकिन इसे जनता के लिए शुरू करने की ठोस व्यवस्था नहीं की गई। करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस संपत्ति के इस्तेमाल पर अनिश्चितता और अब संचालन की जिम्मेदारी दूसरी संस्था को सौंपने की तैयारी से बालासाहेब के अनुयायियों तथा स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ने की आशंका है।
