सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता व विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने महायुति सरकार पर किसानों के झूठे वादे कर वोट हासिल करने का गंभीर आरोप लगाया है। इसी को लेकर उन्होंने ‘क्या हुआ तेरा वादा?’ नामक आंदोलन की शुरुआत की है, जिसे भारी प्रतिसाद मिल रहा है। इस आंदोलन के तहत छत्रपति संभाजी नगर में जिलाधिकारी दिलीप स्वामी को किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में एक निवेदन सौंपा गया। इसके बाद दानवे ने आरोप लगाते हुए कहा कि महायुति सरकार महाराष्ट्र की जनता को धोखे पर धोखा दे रही है। इस सरकार ने मौसम के साथ रंग बदलने वाले गिरगिट को भी शर्मिंदा कर दिया है।
जिलाधिकारी को दिए गए निवेदन में कहा गया है कि महायुति सरकार द्वारा बड़े प्रचार के साथ घोषित की गई कई योजनाएं और वादे आज भी सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। इससे किसान गहरे संकट में हैं। आलम यह है कि मूलभूत समस्याएं और भी बढ़ गई हैं। इस निराशा और रोष को व्यक्त करने के लिए यह आंदोलन शुरू किया गया है। शिवसेना ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दलों ने तुरंत कर्जमाफी और समय पर कर्ज चुकाने वालों को प्रोत्साहन देने का वादा किया था, लेकिन न कोई कर्जमाफी हुई, न प्रोत्साहन राशि ही मिली। वित्त वर्ष समाप्त होने को है, लेकिन उप मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री अजीत पवार ने किसानों के साथ क्रूर मजाक किया है। परिणामस्वरूप, पिछले सात महीनों में १,००० से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है।
किसानों से वसूला गया जीएसटी अनुदान के रूप में लौटाने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। सरकार विदेशों से सोयाबीन और कपास आयात कर स्थानीय किसानों को और संकट में डाल रही है। किसान सम्मान योजना की राशि १२,००० से बढ़ाकर १५,००० रुपए करने का वादा भी सिर्फ बाजार की बातें रह गई हैं।
