मुख्यपृष्ठसमाचारमेट्रो साइट बनी आग का गोला...सड़कों पर बरसा जलता मलबा!

मेट्रो साइट बनी आग का गोला…सड़कों पर बरसा जलता मलबा!

-बांद्रा में बाल-बाल बचे वाहन चालक 

-सुरक्षा दावों की खुली पोल

सामना संवाददाता / मुंबई

बांद्रा में एक बार फिर विकास के नाम पर आम जनता की सुरक्षा को ताक पर रखने का खौफनाक मंजर देखने को मिला। जहां एक निर्माणाधीन मेट्रो साइट पर अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस हादसे ने मेट्रो प्रशासन के सुरक्षा दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं। आग इतनी भयानक थी कि निर्माण स्थल से जलता हुआ मलबा और लोहे के भारी हिस्से नीचे सड़क पर चल रही गाड़ियों पर आ गिरे। व्यस्त सड़क पर अचानक हुए इस मलबे के हमले से कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। नीचे से गुजर रहे वाहन चालकों के पास संभलने तक का मौका नहीं था। लोग अपनी जान बचाने के लिए गाड़ियां छोड़कर भागने को मजबूर हो गए।
हादसे के बाद इलाके में अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई। रोज की तरह दफ्तर और घरों के लिए निकले चालकों के बीच मौत का खौफ साफ देखा गया। चश्मदीद के मुताबिक, स्थिति इतनी भयावह थी कि कोई भी बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। यह पूरी तरह से प्रशासनिक लापरवाही है। अगर यह मलबा किसी दुपहिया वाहन चालक या राहगीर पर सीधे गिर जाता, तो उसकी जान जाना निश्चित था। लोग सड़कों पर भी सुरक्षित नहीं हैं।
एमएमआरडीए के अनुसार, आग निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली लकड़ी की शटरिंग सामग्री (जिसे आमतौर पर डोका सामग्री कहा जाता है) में लगी थी। अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद आपातकालीन प्रतिक्रिया दल और मुंबई अग्निशमन दल ने मिलकर आग पर तुरंत काबू पा लिया।
चंद सेकंड में मच सकती थी भारी तबाही
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अगर जलता हुआ मलबा किसी राहगीर या दुपहिया वाहन चालक पर गिर जाता तो बड़ा जानी नुकसान तय था। घटना ने साबित कर दिया कि करोड़ों की परियोजनाओं के बीच आम नागरिकों की सुरक्षा अब भी भगवान भरोसे है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।

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