मुख्यपृष्ठखेलगोल्ड के लिए दो दिन भूखी रहीं मीराबाई चानू!

गोल्ड के लिए दो दिन भूखी रहीं मीराबाई चानू!

ग्लासगो। राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने पदक के पीछे छिपी बेहद कठिन और चिंताजनक कहानी बताई है। महिलाओं के ४८ किलोग्राम वर्ग में उतरने के लिए उन्हें दो दिन तक खाना छोड़ना पड़ा और प्रतियोगिता से पहले तीन दिनों तक पानी का सेवन भी बेहद कम करना पड़ा। मीराबाई ने स्वीकार किया कि वजन नियंत्रित करना उनके लिए ‘बेहद कठिन’ अनुभव था। मीराबाई का सामान्य वजन लगभग ५०.५ किलोग्राम है। पहले ४९ किलोग्राम वर्ग में खेलने के लिए उन्हें करीब डेढ़ किलो वजन घटाना पड़ता था, लेकिन ४८ किलोग्राम वर्ग में आने के बाद चुनौती और बढ़ गई। ऐसे में उन्हें इस बार भोजन और पानी लगभग पूरी तरह रोकना पड़ा। इस कठिन तैयारी के बावजूद मीराबाई ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। स्नैच के पहले प्रयास में ८२ किलोग्राम उठाने से चूकने के बाद उन्होंने दूसरे प्रयास में यही वजन सफलतापूर्वक उठाया। अंतिम प्रयास में ८५ किलोग्राम भार उठाकर नया राष्ट्रमंडल और खेल रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में १०५ किलो उठाते हुए उन्होंने कुल १९० किलो के रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मीराबाई का यह खुलासा एलीट खेलों में खतरनाक ‘वेट कट’ व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है।

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