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मोदी सरकार की देशभक्ति का ढोंग उजागर!…उद्धव ठाकरे का जोरदार हमला

सामना संवाददाता / मुंबई

अमित शाह के बेटे जय शाह की जिद से पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलकर मोदी सरकार ने देश की छवि को धूमिल किया है। मोदी सरकार और बोगस जनता पार्टी की देशभक्ति का ढोंग उजागर हो गया है। इस तरह का जोरदार हमला शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल किया।
इस दौरान उद्धव ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी मेरे कोई दुश्मन नहीं हैं। अगर वे मुझे मानते हैं, तो भी मैं उन्हें दुश्मन नहीं मानता। यह राजनीति है। लेकिन जिस तरह से वे शिवसेना को खत्म करने पर तुले हैं, ऐसी राजनीति कोई भी सहन नहीं कर सकता। फिर भी, उनके मन में पाप हो तो भी मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं कि जल्द से जल्द उन्हें सारी बातों का आभास हो और आने वाले वर्षों में वे अच्छा शासन करें। इस तरह का जोरदार हमला शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने किया। ‘मातोश्री’ में पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में कल कुछ नेताओं ने शिवसेना का दामन थामा। उसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने ये बातें कहीं।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि लगभग हर दो-तीन दिन में लोग शिवसेना में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘जिसे झटका लगा, उसे झटका लगा’, इस तरह की विज्ञापनबाजी हम नहीं करते हैं। एक सराहनीय बात यह है कि आज जो लोग पक्ष में शामिल हुए हैं, वे पहले से ही हमारे संपर्क में थे। उन्होंने शिवसेना का काम देखा और शिवसेना में मिलने वाला प्यार देखा। उन्हें और भी ऑफर मिले थे, लेकिन उन्होंने सारे लालच को ठुकराकर शिवसेना को चुना। हर दिन लोग आ रहे हैं। शिवसेना की ताकत बढ़ रही है।
राज्य पर ९ लाख का कर्ज
राज्य पर करीब ९ लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। इसका मतलब है कि राज्य के हर नागरिक के सिर पर कर्ज है। यह वैâसे चुकाया जाएगा? कौन चुकाएगा? कब चुकाएगा? और कर्ज से बाहर निकलने के बाद हम प्रगति कब करेंगे? अगर यह कर्ज केवल कॉन्ट्रैक्टरों के हित में सड़क, पुल और बांध के कामों में लगाया जा रहा है, तो मैं इसे विकास मानने को तैयार नहीं हूं। इस कर्जबाजारी को कैसे खत्म करना है, इस पर ध्यान देना जरूरी है। इस सरकार का जो कामकाज है, वह कर्ज लेकर दिवाली मनाने जैसा है, यानी राज्य का दिवाला निकले तो भी चलेगा।
यह जय शाह की जिद और देशभक्ति का अपमान है!
कल शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने का मुद्दा छाया रहा। उद्धव ठाकरे ने मीडिया के सवालों का बखूबी जवाब दिया। ‘देशवासियों के भारी विरोध के बावजूद हिंदुस्थान ने पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेला। इस मैच के विरोध में शिवसेना ने आंदोलन किया था, लेकिन अब कहा जा रहा है कि बीसीसीआई ने यह मैच कराने के लिए खिलाड़ियों पर दबाव डाला था?’ इस सवाल का जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि सुनील गावस्कर ने भी ऐसा ही कहा है। कुल मिलाकर भारतीय जनता पार्टी यानी बोगस जनता पार्टी की देशभक्ति का ढोंग अब खुलकर सामने आ गया है। जब वे हम पर खानदानी राजनीति के आरोप लगाते हैं, तब वहां अमित शाह के बेटे जय शाह की जिद की वजह से देश की छवि और देशभक्ति चूर-चूर हो रही है। यह ढोंग और ये ढोंगी सब बेनकाब हो चुके हैं। सच में शर्म आनी चाहिए। थोड़ी सख्ती दिखानी चाहिए थी।
सिर्फ कुर्सी भक्ति, शाह भक्ति और मोदी भक्ति
शिवसेना के आंदोलन को कुछ लोगों ने देशभक्ति का ढोंग बताया। इस पर सवाल पूछे जाने पर उद्धव ठाकरे ने कहा कि बकवास करने वाले लोग बहुत हैं। उन्हें उनकी बकवास करने दो, क्योंकि उन्हें देशभक्ति का मतलब ही पता नहीं है। उन्हें सिर्फ कुर्सी भक्ति आती है, शाह भक्ति आती है, मोदी भक्ति आती है। ऐसे लोगों को एक शब्द तक बोलने का अधिकार नहीं है। ये बिल्कुल बेकार लोग हैं। कौन हैं, मुझे पता नहीं, लेकिन जो भी हों, सब बेकार हैं।
विज्ञापन पर उड़ा दिए करोड़ों रुपए
उद्धव ठाकरे ने कहा कि आप ‘देवाभाऊ’ नाम से करोड़ों रुपए की विज्ञापनबाजी करते हो, उसका पंचनामा कौन करेगा? ये पैसे कहां से आए, किसने दिए और किसलिए विज्ञापन दिया? छत्रपति शिवाजी महाराज को हार चढ़ाते समय या उनके चरणों में फूल अर्पित करते समय जो करोड़ों रुपए विज्ञापन पर उड़ा दिए, वो अब भी होर्डिंग्स पर दिख रहे हैं। एक दिन के लिए और एक आदमी के लिए करोड़ों रुपए अगर उड़ा सकते हो, तो वही करोड़ों रुपए मेरे किसानों को पहली प्राथमिक मदद के रूप में देते तो क्या बिगड़ जाता? आपके पास पैसा है, कर्ज लेकर दिवाली मना रहे हो। उस विज्ञापन की क्या जरूरत थी?
उद्धव ठाकरे ने कहा कि केवल हमारे मुख्यमंत्री ने ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री को भी अपने आसपास देखना चाहिए, क्योंकि बांग्लादेशियों को आप कहते हैं कि निकाल देंगे और उन्हीं बांग्लादेशियों के साथ आप क्रिकेट खेलते हैं। उसी बांग्लादेश में जब विद्रोह हुआ तो यहां आप बांग्लादेशी चले जाओ कहते हैं और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को आप यहां शरण देते हैं। अब नेपाल में हुआ है। पाकिस्तान तो हरकतें करता ही रहता है। चीन तो पहले से ही ताक में बैठा है। असल में आप कर क्या रहे हैं? क्योंकि आखिर में साधारण इंसान ही क्रांति करता है। नेता क्रांति नहीं करते, आम आदमी करता है।
भूतकाल की घोषणाओं के भूत
भूतकाल में उन्होंने कई बातें कही थीं, जिसमें उन्होंने किसानों की कर्ज माफी की बात की थी। १५ लाख रुपए खातों में भेजने वाले थे। स्मार्ट सिटी की बात की थी। ‘अच्छे दिन आएंगे’ कहा था। इन भूतकालीन घोषणाओं के भूत उनकी गर्दन पर सवार हैं।
यह विदेश नीति देशहित में नहीं
उद्धव ठाकरे ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद हमारे प्रधानमंत्री ने पूरी दुनिया में सभी दलों के प्रतिनिधि मंडलों को भेजा। आप वहां जाकर ‘दहशतवाद के खिलाफ’ बोले। दहशतवाद कौन कर रहा है? पाकिस्तान कर रहा है। सारे प्रतिनिधि मंडल जाकर वापस आए। उन्होंने वहां क्या कहा और वहां उन्हें किस तरह का जवाब मिला? इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं दी गई। अगर आपने कहा कि हमारे देश में पाकिस्तान दहशतवाद फैला रहा है, दहशतवाद कर रहा है और हमारे निर्दोष नागरिकों को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। फिर कुछ महीनों में आप वह सब भूलकर उसी पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने निकल पड़े, तो दुनिया आपसे सवाल करेगी ही। यह विदेश नीति देशहित में नहीं है।

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