-स्टेशनों पर उमड़ा जनसैलाब; घंटों प्लेटफॉर्म पर फंसे रहे यात्री
-सवालों के घेरे में रेलवे की व्यवस्था
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेन सेवा ने सप्ताह के पहले ही दिन यात्रियों को बेहाल कर दिया। सोमवार सुबह कार्यालय और स्कूल-कॉलेज जाने के व्यस्त समय में पश्चिम रेलवे और हार्बर लाइन पर तीन अलग-अलग स्थानों पर पॉइंट फेल्योर होने से उपनगरीय रेल सेवा की गति थम गई। एक के पीछे एक लोकल प्रभावित होने से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई लोकल ३० से ४० मिनट की देरी से चलीं, जबकि कुछ सेवाओं को बीच के स्टेशनों पर रोकना पड़ा।
तकनीकी खराबी का सबसे अधिक असर वसई रोड, दादर, गोरेगांव, अंधेरी और बोरीवली जैसे प्रमुख स्टेशनों पर दिखाई दिया। विलंबित लोकल के कारण प्लेटफॉर्म यात्रियों से खचाखच भर गए। ऐसे में भीड़ के कारण कई स्टेशनों पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।
अंधेरी से बांद्रा एक घंटे में
अंधेरी से बांद्रा का सामान्यत: १५ मिनट का सफर सोमवार को एक महिला यात्री के अनुसार एक घंटे से भी अधिक समय में पूरा हुआ। कार्यालय और महाविद्यालय पहुंचने में देरी होने से यात्रियों में नाराजगी बढ़ती गई। वसई सहित कई स्टेशनों पर भीड़ और अव्यवस्था को लेकर यात्रियों ने रेल प्रशासन के प्रति आक्रोश व्यक्त किया।
लोकल के प्रबंधन पर उठे सवाल
सोमवार सुबह की इस तकनीकी गड़बड़ी ने एक बार फिर मुंबई की लोकल व्यवस्था की कमजोर कड़ी उजागर कर दी। कुछ मिनट की तकनीकी खराबी देखते ही देखते हजारों यात्रियों की परेशानी में बदल गई। हालांकि, मध्य रेलवे की मुख्य उपनगरीय सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं, लेकिन पश्चिम और हार्बर लाइन पर हुई गड़बड़ी ने रेलवे के रखरखाव और तकनीकी प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मेगा ब्लॉक के बाद भी पॉइंट फेल्योर!
सबसे गंभीर सवाल रेलवे की रखरखाव व्यवस्था पर उठ रहा है। रविवार को मेगा ब्लॉक और जंबो ब्लॉक लेकर रखरखाव का काम किया गया था। इसके बावजूद सोमवार सुबह ही महत्वपूर्ण स्थानों पर पॉइंट फेल्योर होना रेलवे की तैयारियों और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यात्रियों की सुरक्षा और समय की कीमत पर बार-बार होने वाली ऐसी गड़बड़ियों की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
