सूफी खान
सीजफायर के बीच हमास के एक बड़े लीडर की गाजा में हत्या कर दी गई, इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने गाजा सिटी में एक टारगेट सेट करके हवाई हमले में हमास के वरिष्ठ कमांडर राएद साएद को मार गिराया। यह हमला अक्टूबर २०२५ में अमेरिका की कोशिशों से हुए सीजफायर के बाद हमास के किसी सबसे उच्च पदस्थ नेता की हत्या है, जिससे नाजुक शांति समझौते पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। हमास ने भी अपने कमांडर आतंकी साएद की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है इसे सीजफायर की खुली खिलाफवर्जी बताया। हमास के पॉलिटिकल विंग चीफ खलील अल-हया ने एक वीडियो बयान में कहा कि साएद अपने साथियों के साथ शहीद हो गए। इजरायली सेना के अनुसार, ये हमला गाजा सिटी के पश्चिमी हिस्से में अल-रशीद तटीय सड़क पर एक चलती कार पर किया गया। हमले में हमास आतंकी साएद के अलावा तीन से पांच अन्य लोग मारे गए, जबकि २५ से अधिक घायल हुए। फिलिस्तीनी मीडिया और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने संयुक्त बयान में कहा कि यह हमला उसी दिन दक्षिणी गाजा में हुए एक विस्फोटक आईईडी हमले का जवाब था, जिसमें दो इजरायली रिजर्व सैनिक हल्के घायल हो गए थे। बयान में कहा गया कि हमास का आतंकवादी राएद साएद, जो हमास की बल निर्माण इकाई के प्रमुख था, उसे खत्म करने का निर्देश दिया गया। जो कोई इजरायल के खिलाफ हाथ उठाएगा, उसका हाथ गाजा और हर जगह काट दिया जाएगा।
इजरायल का आरोप है कि साएद हमास की सैन्य शाखा अल-कसम ब्रिगेड्स के दूसरे सबसे वरिष्ठ कमांडर थे। वे हथियार उत्पादन और आपूर्ति के प्रमुख थे तथा ७ अक्टूबर २०२३ के इजरायल पर हमलों के मुख्य प्लानरों में से एक थे। युद्धविराम के दौरान भी वे हमास की सैन्य क्षमताओं को बहाल करने की कोशिश कर रहे थे, जो समझौते का उल्लंघन था। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध विराम के बाद इजरायली कार्रवाइयों में ३८६ से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं। अक्टूबर २०२५ में हुआ गाजा सीजफायर पहले चरण में बंधकों की रिहाई और शवों के आदान-प्रदान पर केंद्रित था। अब दूसरे चरण की बात चल रही है, जिसमें गाजा के रिनोवेशन और डिमिलिटराइजेशन शामिल है। लेकिन हमास कमांडर की हत्या इजरायल-हमास दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप को बढ़ा सकती है और समझौते को खतरे में डाल सकती है। इससे अमेरिका की जुबान फंस जाएगी, क्योंकि ट्रंप के कहने पर ही हमास भी सीजफायर के लिए राजी हुआ है और इजरायल ने भी हामी भरी है। ऐसे में जरा सी चिंगारी भी गाजा में फिर नई आग भड़का सकती है।
जानकारों का मानना है कि साएद की मौत हमास को व्यावहारिक और प्रतीकात्मक झटका है, लेकिन संगठन इस बात को समझ रहा है कि गाजा में हालात सामान्य करने के लिए और इजरायल की आक्रामकता को रोकने के लिए धैर्य जरूरी है। यही वजह है कि हमास गाजा में अपनी पकड़ बनाए हुए है।
