मुख्यपृष्ठस्तंभमुस्लिम वर्ल्ड: दुबई को बचाने क्या सरेंडर हो गया यूएई?

मुस्लिम वर्ल्ड: दुबई को बचाने क्या सरेंडर हो गया यूएई?

सूफी खान

२८ फरवरी २०२६ से शुरू हुई ४० दिनों की जंग में अगर ईरान ने किसी अरब देश को सबसे ज्यादा मारा था तो वो है यूएई। संयुक्त अरब अमीरात को अमेरिका और इजरायल से दोस्ती का खामियाजा भुगतना पड़ा। दुबई जैसे शहर जो सुरक्षित माने जाते थे, वहां भी अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी मिसाइलें बरसती दिखीं।
अब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स दावे करती हैं कि खुद को ईरान के कहर से बचाने और अपनी सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए यूएई ने ईरान के साथ बैक-चैनल डिप्लोमेसी यानी गुप्त बातचीत का रास्ता चुना है। रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि यूएई ने सीधे तेहरान को ३ अरब डॉलर की वित्तीय मदद या रुका हुआ फंड जारी किया है, ताकि यमन के ईरान समर्थक हूती विद्रोहियों या खुद ईरान की तरफ से दुबई और अबू धाबी के बिजनेस हब पर कोई मिसाइल या ड्रोन हमला न हो। हालांकि मीडिया रिपोर्ट इसकी पुष्टि नहीं कर रही हैं। लेकिन फिर भी इस खबर से चर्चा का बाजार गर्म है।
सोशल मीडिया और अंतर्राष्ट्रीय गलियारों में यह दावा तेजी से पैâल रहा है कि दुबई और अबू धाबी को सुरक्षित रखने के लिए यूएई ने तेहरान को ३ अरब डॉलर यानी करीब २५ हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए हैं। दावा है कि इस भारी-भरकम रकम के बदले अब यूएई के चमचमाते शहरों पर कभी ईरान या उसके समर्थित गुटों का हमला नहीं होगा। अगर ऐसा है, तो एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इस पूरे मामले की जड़ें कतर से जुड़ती हैं। कुछ समय पहले कतर की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच एक अप्रत्यक्ष समझौता हुआ था, जिसके तहत कतर ने ईरान के प्रâीज किए गए अरबों डॉलर के फंड को अनब्लॉक किया गया था। क्या यूएई ने भी ऐसा ही किया है? इस पर अटकलों का बाजार गर्म है।
वहीं कुछ मिडिल ईस्ट एक्सपर्ट्स कहते हैं कि मौजूदा हालात में मिडिल ईस्ट में ऐसी कोई डील व्यावहारिक नहीं लगती। सच तो यह है कि हाल के महीनों में मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के बाद खाड़ी देशों पर खतरा बढ़ा ही है। इस खतरे को भांपते हुए यूएई ने ईरान के प्रति अपनी नीति को और सख्त किया है। यूएई तो ईरान पर दबाव बनाने के प्रयास में है ना कि उसे वित्तीय मदद देने के। यूएई और ईरान के बीच बातचीत और व्यापारिक रिश्ते जरूर हैं, लेकिन ३ अरब डॉलर भेजकर हमला रोकने की थ्योरी पर सवाल इसलिए भी उठता है क्योंकि इस समय यूएई ईरान के खिलाफ खड़ा है। वो एकमात्र खाड़ी देश है, जो इजरायल के साथ खुलकर खड़ा हो गया है। बीच में खबर तो यह भी आई थी कि यूएई की पूरी कोशिश है कि ईरान को सबक सिखाया जाए। अमेरिका ईरान के खिलाफ निर्णायक जंग छेड़कर ही आगे जाए। इसकी वजह है कि ईरान के हमलों से यूएई और खासकर उसके बिजनेस हब माने जाने वाले दुबई, अबूधाबी, शारजहां जैसे शहरों की छवि को भारी नुकसान हुआ है। यूएई की इकोनॉमी उसकी ग्रोथ और छवि पर टिकी है, जिसे ईरान ने ध्वस्त किया है।

अन्य समाचार