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मुस्लिम वर्ल्ड : सऊदी का ‘जिंदा शिकारी’ दबोचा!.. अब असली शिकार करेंगे हूती

-सूफी खान
हूती चीफ अब्दुल मलिक बदरुद्दीन अल हूती का ताजा पैगाम यमन की आवाम और अंसारुल्लाह लड़ाकों के लिए आया है। वो कहते हैं कि हम यमनी लोग, हम खुद, हमारी आत्माएं, हमारा जीवन, हमारा पैसा और जो कुछ भी हमारा है, वह मक्का के लिए कुर्बान है, सभी इस्लामी पवित्र स्थलों के लिए कुर्बान है। ये सऊदी के उस आरोप का जवाब है जिसमें हूतियों पर मक्का और मदीना शहरों पर हमले की बात कही गई थी।
उनका बयान आना था कि हूतियों का जोश दोगुना हो गया और उन्होंने सऊदी अरब का ऐसा हथियार पकड़ लिया, जिसका अंसारुल्लाह के पास होना मतलब सऊदी के ड्रोन,जेट और मिसाइलों का काल है।
ये कोई आम मशीनगन नहीं अंसारुल्लाह का वीडियो समेत दावा है कि उन्होंने सऊदी अरब को अमेरिका से मिला एम-१६३ वल्कन एयर डिफेंस सिस्टम यानी वीएडीएस सऊदी हिमायती फौज से अपने कंट्रोल में ले लिया है। लेकिन खास बात ये है कि जब प्रो सऊदी फोर्सेस इसे छोड़कर भागीं और हूतियों ने इसे जब्त किया तो ये एयर डिफेंस सिस्टम एकदम एक्टिव कंडिशन में है। इसके मायने ये हैं कि सिस्टम ऑपरेशनल है और अब हूती इसे अपने एयर डिफेंस का हिस्सा बना सकते हैं।
एम-१६३ वल्कन अमेरिका के जरिए बनाई गई मोबाइल यानी चलती फिरती एयर डिफेंस की तकनीक है। ये आसमान से आ रहे किसी भी खतरे को भांपकर उसे निशाना बनाती है।
इसमें २० मिमी की छह-बैरल वाली एम-६१ वल्कन रोटरी तोप लगी होती है, जो एक मिनट में ३,००० राउंड तक गोलियां दाग सकती है। इस सिस्टम को एम-११३ बख्तरबंद वेहिकल में सेट किया जाता है जो जमीन पर किसी भी तरह के रास्तों पर चलने की सहूलियत रखता है। ड्रोन, छोटी मिसाइलों और कभी कभी दुश्मन के फाइटर जेट को भी चपेट में ले लेता है। इसके ऊपर लगा है २० मिलिमीटर का गन, जो बड़े-बड़े फायर कर सकता है। यह दुश्मन के हेलिकॉप्टर का भी शिकार कर सकता है। अब यमन में अंसारुल्लाह इसका इस्तेमाल अपने दुश्मन सऊदी के खिलाफ करेंगे।
हूतियों के पास एयर फोर्स भले ही नहीं है लेकिन ड्रोन यूनिट जबरदस्त हैं, उनकी। जो करीब १२०० मीटर तक ड्रोन को निशाने पर ले लेता है। लेकिन अब मामला उलटा हो गया है, जो सिस्टम हूतियों के खिलाफ लाया गया था अब हूती सऊदी के खिलाफ उसी का इस्तेमाल करेंगे।
एक्सपर्ट कहते हैं कि ईरान के सपोर्ट से अंसारुल्ला फोर्स की डिफेंस इंजिनियरिंग जबरदस्त है, हो सकता है कि हूती इसे और खतरनाक बना दें। वो एयर डिफेंस के साथ-साथ इसका इस्तेमाल जमीन पर टार्गेट को हिट करने के लिए भी कर सकते हैं। गौरतलब है कि पहले भी अंसारुल्लाह की डिफेंस यूनिट में जप्त किए गए हथियारों की रिवर्स इंजिनियरिंग से और भी खतरनाक और मारक हथियार बनाए गए हैं।
यानी एक हाइटेक अमेरिकी हथियार अगर दुश्मन के हाथ लग गया तो वो भी दुश्मन को ही आपके खिलाफ मजबूत कर देता है। अब सऊदी फोर्सेस को एम-१६३ वल्कन एयर डिफेंस सिस्टम का कहर भी भुगतना पड़ेगा।
सऊदी को समझ में नहीं आ रहा है कि इस जंग में वह क्या करे, कौन सा हथियार चलाए कि हूतियों को रोक सके। उलटा उसकी तेल पाइप लाइन डेमेज हो गई। हूतियों ने सऊदी के ड्रोन और रॉकेट गिरा दिए।
यहां तक कि वो तो अमेरिका और चीन के जरिए दिए गए फाइटर जेट और मिसाइल गिराने का भी दावा कर रहे हैं। सऊदी हिमायती फोर्स पकड़ी जा रही है या सरेंडर करके भाग रही है और अब तो सऊदी का डिफेंस सिस्टम भी हूतियों के पास है। पहले शायद ही कोई मानता कि यमन की हूती सऊदी जैसे अमीर और ताकतवर मुल्क पर इतने भारी पड़ेंगे, लेकिन ये हो रहा है और दुनिया हैरान है।

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