सामना संवाददाता / मुंबई
देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की तुलना को लेकर भाजपा नेताओं द्वारा लगातार बयान दिए जा रहे हैं। इस पर राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष शरद पवार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जवाहरलाल नेहरू की उपलब्धियों, उनके नेतृत्व और देश के निर्माण में उनके योगदान की तुलना किसी से नहीं की जा सकती। इसी के साथ शरद पवार ने नेहरू और मोदी की तुलना करने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोला। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
महाराष्ट्र के जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन ने ऑपरेशन ब्लू स्टार को ‘काला दिन’ बताते हुए तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी की आलोचना की और भिंडरावाले और उसके साथियों को शहीद बताया था। इस मुद्दे पर शरद पवार ने बिना नाम लिए महाजन को फटकार लगाते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने देश की प्रतिष्ठा की रक्षा की थी। पवार ने एक पुराना प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री रहते हुए मॉस्को गई थीं, तब उनके स्वागत के लिए अपेक्षित स्तर का प्रतिनिधित्व नहीं था। इसे देश के सम्मान से जोड़ते हुए उन्होंने रूसी प्रधानमंत्री से मिलने के बजाय भारतीय राजदूत के निवास पर जाना उचित समझा। इंदिरा गांधी का मानना था कि वह व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों का प्रतिनिधित्व करते हुए वहां पहुंची थीं।
सिख समुदाय का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण
सिख समाज पर की गई टिप्पणी का भी जवाब देते हुए पवार ने कहा कि देश की आजादी, रक्षा, कृषि और अन्न उत्पादन में सिख समुदाय का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। कुछ भटके हुए लोगों की वजह से पूरे समुदाय को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश सिख राष्ट्रहित के लिए हर बलिदान देने को तैयार रहते हैं और उन पर पूरे देश को गर्व है।
–दमन और प्रताड़ना करने वाली महायुति का सत्ता बदली तो होगा हिसाब!
-राकांपा नेताओं का सरकार पर जोरदार हमला
देश मे आज बेरोजगारी, और महंगाई की समस्या को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवा कार्यकर्ताओं को जिस तरह प्रताड़ित किया जा रहा है, सत्ता परिवर्तन के बाद उसका पूरा हिसाब लिया जाएगा। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के स्थापना दिवस समारोह में सक्षणा सलगर ने महायुति सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला।
मुंबई में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सलगर ने सत्ताधारियों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि एक दिन हमारी सरकार आएगी। जब हमारी सरकार बनेगी, तब युवा कार्यकर्ताओं को दिए जा रहे हर कष्ट और अन्याय का हिसाब चुकता किए बिना हम शांत नहीं बैठेंगे।’ उनके इस बयान से कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया।
केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग
महाराष्ट्र पर लगातार दिल्ली से राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है और जो भी सरकार की नीतियों का विरोध करता है, उसके पीछे केंद्रीय जांच एजेंसियां लगा दी जाती हैं।
दबाया जा रहा लोकतांत्रिक आंदोलन
छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील गव्हाणे ने भी महायुति सरकार और केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली सत्ता पर तीखा प्रहार किया। गव्हाणे ने कहा कि शिव-शाहू-फुले-आंबेडकर विचारधारा को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार लोकतांत्रिक आंदोलनों को भी दबाने का काम कर रही है और विरोध की हर आवाज को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बावजूद विपक्षी कार्यकर्ता पीछे हटने वाले नहीं हैं। वहीं युवा नेता मेहबूब शेख ने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के चलते शरद पवार की छवि को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
