मॉडल ने साइबर बुलिंग पर दर्ज कराया बयान
सामना संवाददाता / मुंबई
शिवाजी पार्क में प्रदर्शनकारियों से भरी पुलिस वैन रोककर सोशल मीडिया पर चर्चा में आईं २७ वर्षीय मॉडल रिया यादव ने कथित साइबर बुलिंग, बदनामी और ऑनलाइन उत्पीड़न के मामले में एमआईडीसी पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया है। रिया ने पुलिस को स्क्रीन रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी सौंप हैं।
रिया ने आरोप लगाया कि २२ जुलाई की घटना के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से अपमानजनक और धमकी भरे संदेश पैâलाए गए। कई लोगों ने उनकी तस्वीरों का इस्तेमाल करते हुए उन पर इंस्टाग्राम के जरिए अश्लील सामग्री बेचकर लाखों रुपये कमाने के झूठे आरोप लगाए। रिया का कहना है कि उनका बैंक खाता इंस्टाग्राम की एक्सक्लूसिव सदस्यता सुविधा से जुड़ा ही नहीं है और उन्होंने वहां से कोई कमाई नहीं की।
उन्होंने शनिवार को महाराष्ट्र पुलिस की साइबर सेल में ऑनलाइन शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। रिया के अनुसार, पुलिस ने सहयोगपूर्ण रवैया अपनाया और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। फिलहाल एमआईडीसी पुलिस ने उनका बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
शिवाजी पार्क की घटना में रिया के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने कई युवा प्रदर्शनकारियों को छोड़ दिया था। इसके बाद वह सोशल मीडिया पर आंदोलन के प्रतिरोध का प्रमुख चेहरा बन गई थीं।
सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद
शिवाजी पार्क की घटना के बाद रिया यादव सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गईं। समर्थकों ने उनके कदम की सराहना की, जबकि विरोधियों ने उन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां और झूठे आरोप लगाए। अब पूरे मामले की जांच पुलिस के हाथ में है।
