मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पवेलियन : फुटबॉल सुंदरी का बाउंसर

आउट ऑफ पवेलियन : फुटबॉल सुंदरी का बाउंसर

अमिताभ श्रीवास्तव

एक फुटबॉल सुंदरी ने जब एक बाउंसर यानी अपना अंगरक्षक रखा तो यह एक चौंकाने वाली खबर बन गई। उस सुंदरी को ऐसी क्या जरूरत पड़ गई कि उसे अपना बॉडी गार्ड रखना पड़ा? दरअसल, उसके पीछे एक करोड़पति आदमी लगा हुआ है, जिससे परेशान होकर उसने ऐसा किया है। लिवरपूल की २४ वर्षीय मिडफील्डर मैरी होबिंगर उस समय डर गईं, जब ४२ वर्षीय व्यवसायी मंगल दलाल ने बार-बार इंस्टाग्राम पर अपने सेक्स संदेश भेजे। उसने अपना मोबाइल नंबर भी लिखा और मिलने के लिए कहा। मैरी बुरी तरह डर गईं। लिहाजा उसने महिला सुपर लीग मैचों में भाग लेने से पूर्व एक ‘सुरक्षा अधिकारी’ नियुक्त किया है जो उसे ऐसे किसी भी व्यक्ति से बचाएगा, जो उसके पीछे पड़ा है। मैरी के पीछे पड़े उस व्यक्ति ने सारी हदें पार कर ली हैं। वो पिछले कई महीनों से उसे फॉलो कर रहा है यहां तक कि मैरी होबिंगर को मैन सिटी से खेलते देखने के लिए वह लंदन तक जा पहुंचा था। मैरी ने पुलिस को तब बुलाया जब उसे पिच के पास वो खड़ा मिला। पता चला है कि दलाल तलाकशुदा है और मानसिक रूप से अस्वस्थ है। मामला अदालत में पहुंच गया है, जहां उसे फिलहाल जमानत मिल गई है और उसे मैरी से संपर्क न करने या सोशल मीडिया पर उसका उल्लेख न करने के लिए कहा गया है। बावजूद मैरी ने अपना बाउंसर नियुक्त किया है।
रहस्य, चीनी दंपति का रूसी बच्चा
इंटरनेट पर तूफान मचाने वाली एक घटना वायरल है। यह ऐसा रहस्य है जिसे देख वैज्ञानिक भी अचंभित रह गए हैं। चीन के जियांग्सू प्रांत में एक बच्ची जन्मी, जिसके अप्रत्याशित रूप को देख डॉक्टर, नर्स, यहां तक ​​कि परिवार वाले भी हैरान रह गए हैं। यह बच्ची पूर्वी एशियाई माता-पिता की संतान है, जिनके अपने समुदाय के ज्यादातर लोगों की तरह काले बाल और गहरी आंखें हैं। लेकिन जब नवजात बच्ची का जन्म हुआ तो सब दंग रह गए, उस नन्हीं बच्ची के सुनहरे बाल और आकर्षक नीली आंखें थीं, जो अपने माता-पिता और रिश्तेदारों से बिल्कुल अलग दिख रही थी। अस्पताल में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि प्रसव कक्ष में कुछ सेकंड के लिए सन्नाटा छा गया, क्योंकि डॉक्टर और नर्स यह समझने की कोशिश कर रहे थे कि वे क्या देख रहे हैं। परिवार वालों को यह भी डर था कि कहीं अस्पताल में गलती से बच्चे का नाम न बदल दिया गया हो। सारे संदेह दूर करने के लिए, दंपत्ति ने तुरंत डीएनए (पितृत्व) परीक्षण करवाया। जब नतीजे आए, तो अविश्वसनीय बात सामने आई-बच्चा पूरी तरह से जैविक रूप से उनका था। इससे रहस्य और गहरा हो गया, क्योंकि परिवार के हाल के इतिहास में किसी में भी ऐसी विशेषताएं नहीं थीं। बाद में विशेषज्ञों ने बताया कि यह मामला ‘एटाविज्म’ नामक एक दुर्लभ जैविक घटना से भी जुड़ा हो सकता है। एटाविज्म तब होता है जब एक लंबे समय से छिपा हुआ जीन अचानक सक्रिय हो जाता है और दूर के पूर्वजों के लक्षण वापस लाता है। सरल शब्दों में इसका मतलब है कि एक बच्चा अप्रत्याशित रूप से परदादा-परदादी या पुरानी पीढ़ियों से विशेषताएं प्राप्त कर सकता है, भले ही वे विशेषताएं कई पीढ़ियों से गायब रही हों।
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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