-अरुण कुमार गुप्ता
बिहार में बाढ़ का पानी भले ही कई इलाकों में धीरे-धीरे उतरने लगा हो, लेकिन बाढ़ प्रभावित लोगों की मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं। कई जगहों पर राहत सामग्री और जरूरी मदद पहुंचने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच विपक्ष ने सरकार और प्रशासन की राहत व्यवस्था पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कागजों पर राहत के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीन पर बाढ़ पीड़ित अब भी मदद का इंतजार कर रहे हैं। बाढ़ आने के बाद सरकार की ओर से राहत और बचाव अभियान चलाने की बात कही जाती है। प्रशासनिक मशीनरी भी सक्रिय होने का दावा करती है। लेकिन प्रभावित इलाकों से सामने आने वाली तस्वीरें अलग कहानी बताती हैं। कई परिवारों के सामने भोजन, पीने के पानी और सुरक्षित स्थान जैसी बुनियादी जरूरतें चुनौती बनी हुई हैं। विपक्ष का सवाल है कि यदि राहत व्यवस्था पूरी तरह चुस्त है तो बाढ़ प्रभावित लोगों तक समय पर जरूरी सामग्री क्यों नहीं पहुंच पा रही है? बिहार में बाढ़ कोई अचानक आने वाली आपदा नहीं है। हर साल मानसून के दौरान राज्य के कई जिले बाढ़ की चपेट में आते हैं। इसके बावजूद हर बार राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर वही सवाल दोहराए जाते हैं। आखिर बाढ़ से निपटने की स्थायी और प्रभावी व्यवस्था कब तैयार होगी?
अनंत-नीरज भिड़े, ललन सिंह ने किनारा किया!
बिहार की चुनावी राजनीति गरमाई हुई है और इसी बीच जेडीयू के भीतर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच सामने आए विवाद ने पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मामला सुलझाने की उम्मीदों के बीच केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने साफ कर दिया कि दोनों पक्ष खुद तैयार होंगे, तभी वे सुलह की पहल करेंगे। ललन सिंह का यह कहना कि दोनों की इच्छा होगी, तभी वे हस्तक्षेप करेंगे, फिलहाल विवाद को खत्म करने के बजाय गेंद वापस दोनों नेताओं के पाले में डालता दिखाई दे रहा है। अनंत सिंह का बिहार की राजनीति में अपना प्रभाव है, जबकि नीरज कुमार जेडीयू के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। ऐसे में दोनों के बीच मतभेद को केवल व्यक्तिगत विवाद मानकर नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा।
विपक्ष में हैं तो ईडी-सीबीआई का शिकंजा!
बिहार की राजनीति में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसियों को लेकर एक बार फिर तीखा हमला बोला। दिल्ली की अदालत में पेशी के बाद पटना लौटे तेजस्वी ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। तेजस्वी ने केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वे भाजपा में होते तो राजा हरिश्चंद्र होते, लेकिन भाजपा से लड़ने की वजह से ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। तेजस्वी ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के नेताओं को केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए निशाना बनाया जाता है।
