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शीत सत्र से पहले चढ़ा राजनीतिक पारा…नागपुर पहुंचते ही पक्ष-विपक्ष में बढ़ी तकरार!

-सरकारी चाय पार्टी के बहिष्कार से गरमाया माहौल

-महाविकास आघाड़ी ने खोला अलग मोर्चा

-इंडिगो की लापरवाही से नेता भूले ‘उड़ान’

सामना संवाददाता / नागपुर

नागपुर में आज से शुरू होनेवाले शीतकालीन सत्र से पहले ही राजनीतिक पारा चढ़ने लगा है। उप राजधानी पहुंचते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव इतनी तेजी से बढ़ा कि सत्र का माहौल पहले दिन से ही गरम होने के आसार दिखने लगे हैं। इस बीच सरकारी चाय पार्टी के बहिष्कार ने राजनीतिक गलियारों में तहलका मचा दिया, जबकि दूसरी ओर महाविकास आघाड़ी ने सत्ता के खिलाफ अलग मोर्चा खोलकर सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस अफरा-तफरी के बीच इंडिगो की लापरवाही ने आग में घी डालने का काम किया। उड़ानें रद्द होते ही कई नेता सड़क और रेल मार्ग से नागपुर पहुंचने पर मजबूर हो गए, जिससे पूरा शेड्यूल अस्त-व्यस्त हो गया। नागपुर एयरपोर्ट से लेकर विधानभवन तक हर तरफ तनाव, नाराजगी और बयानबाजी का माहौल साफ दिखा। इन सबके बीच यह संकेत दिख रहा है कि इस सत्र में टकराव, हंगामा और आक्रामक बहसें तय हैं।
उल्लेखनीय है कि राज्य विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के लिए उप राजधानी नागपुर तैयार हो गई है। आज सोमवार से सत्र की शुरुआत होगी। हालांकि, सत्र के ठीक पहले ‘इंडिगो’ एयरलाइंस के विमानों का शेड्यूल गड़बड़ा जाने से मंत्रियों, विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों की काफी दुर्गति हुई। ऐन मौके पर उड़ानें रद्द हो जाने से कई नेताओं ने सड़क मार्ग का, तो कुछ ने रेल का विकल्प चुना। बता दें कि ८ से १४ दिसंबर के बीच महज एक हफ्ते चलने वाले इस सत्र के लिए राजनीतिक माहौल गर्म है। सत्र की पूर्वसंध्या यानी रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास ‘रामगिरी’ में चाय पार्टी का आयोजन किया गया था। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस चाय पार्टी का बहिष्कार कर दिया। बताया गया है कि इस बीच, कल राज्य मंत्रिमंडल की बैठक भी हुई, जिसमें सत्र की रणनीति पर चर्चा हुई। वहीं चाय पार्टी के कार्यक्रम का बहिष्कार करने के बाद महाविकास आघाड़ी की बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस के विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, नितीन राऊत, अभिजीत वंजारी, प्रवक्ता अतुल लोंढे के साथ-साथ शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) से भास्कर जाधव, सुनील प्रभु, अनिल परब, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता अनिल देशमुख उपस्थित थे। बैठक में आगामी राजनीतिक रणनीति, संसदीय कामकाज और दलों की भूमिका पर चर्चा हुई।
विधानमंडल इतिहास में पहली बार
विधानमंडल के इतिहास में पहली बार शनिवार और रविवार को छुट्टी के दिन कार्य होने से सत्तापक्ष और विपक्ष की उत्सुकता चरम पर है। बताया गया है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल और विधानमंडल कार्य सलाहकार समिति की बैठक में सत्र की अवधि बढ़ाने व महत्वपूर्ण कार्यों को गति देने के लिए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है, जिससे सरकारी छुट्टी के दिन भी कार्यवाही होगी। इसी के साथ ही महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है कि दोनों सदनों में कोई आधिकारिक विपक्ष का नेता नहीं है।
कड़ाके की ठंड में गर्म बहस
शीतकालीन सत्र के लिए नागपुर में कड़ाके की ठंड का अनुमान व्यक्त किया गया है। तापमान दो डिग्री और गिरने की संभावना है। एक तरफ नागपुर का मौसम ठंडा रहनेवाला है, दूसरी तरफ सदन में गर्मागर्मी होने की संभावना है। जमीन घोटाला, कर्ज माफी, महिला अत्याचार, कुंभ मेला पेड़ कटाई मामले पर सत्र में बहस गर्म होने की संभावना है।
इंडिगो ने दिया नेताओं को झटका
सत्र के लिए कल कई मंत्रियों और विधायकों के नागपुर पहुंचने की उम्मीद थी। हालांकि, इंडिगो की मुंबई-नागपुर और पुणे-नागपुर उड़ानों में गड़बड़ी के कारण सारी योजना धरी की धरी रह गई। मुंबई और पुणे से जानेवाली उड़ानें रद्द हो जाने से जहां कई जनप्रतिनिधियों को मजबूरी में हवाई यात्रा छोड़ ‘समृद्धि महामार्ग’ से नागपुर का रुख करना पड़ा, वहीं कुछ नेता रेल से नागपुर पहुंचे।

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