मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में ठगों ने गौसेवा के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करके २१ करोड़ रुपए की ठगी कर लिया। भारतीय स्टेट बैंक की छावनी स्थित शाखा में कुछ समय पहले गौसेवा ट्रस्ट के नाम से करंट एकाउंट खुला था। इसमें रुपए आए और कुछ दिनों बाद निजी खातों में निकलने लगे तो बैंक मैनेजर को शक हुआ। इसके बाद खाते को फ्रीज कर सायबर पुलिस को मैनेजर ने जानकारी दी। गौसेवा के नाम पर इतने रुपए जुटने से पुलिस भी हैरान है।
फिलहाल, यह पता नहीं चल पाया है कि किस तरह से लोगों को चूना लगाया गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य साजिशकर्ता और सरगना फिलहाल पुलिस की पकड़ से दूर है। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस को एक मोबाइल फोन, दो फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए हैं। जिले के सायबर थाना के प्रभारी प्रमोद कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपियों की कारगुजारी का पता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की छावनी शाखा के प्रबंधक को उस समय लगा, जब पिछले माह २७ अगस्त को उनके यहां गौसेवा ट्रस्ट के नाम से चालू खाता खोलने वालों के खाते में जमा रकम में से केवल सात लाख रुपए छोड़ कर बाकी २० करोड़ ९३ लाख रुपए दो-तीन दिन में ही अन्य खातों में भेज दिए गए।
पुलिस ने बताया कि उक्त धनराशि उनके संयुक्त खाते में बीते चार से सात सितंबर के बीच विभिन्न खातों से जमा कराई गई थी। एक ट्रस्ट द्वारा इस प्रकार पूरी रकम निजी खातों में जमा किए जाने और फिर अचानक से ही अन्य खातों में इसे भेजने पर प्रबंधक को दाल में कुछ काला नजर आया तो उन्होंने खाता `होल्ड’ करके एक खाताधारक को इसकी सूचना दी और कारण जानने का प्रयास किया। लेकिन उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। अब पुलिस करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले सरगना का पता लगाने के साथ-साथ इस बात का भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर इन लोगों ने इतने बड़े ठगी कांड को वैâसे अंजाम दिया।
