सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना नेता, सांसद और दैनिक `सामना’ के कार्यकारी संपादक संजय राऊत की बहुचर्चित पुस्तक `बोध कीर्तन’ कम समय में ही पाठकों की पहली पसंद बन गई है। विशेष बात यह है कि ३१ अक्टूबर को प्रकाशित हुई यह पुस्तक अमेजन की `बायोग्राफीज एंड ऑटोबायोग्राफीज’ (जीवनी और आत्मकथा) की बेस्टसेलर श्रेणी में सीधे छठे स्थान पर आ पहुंची है। इस उपलब्धि पर संजय राऊत ने पाठकों का आभार व्यक्त किया है।
दैनिक `सामना’ और मेहता पब्लिशिंग हाउस के संयुक्त तत्वावधान में `बोध कीर्तन’ पाठकों के बीच आई है। इस पुस्तक में संजय राऊत ने कई महान शख्सियतों के साहचर्य से समृद्ध अपने जीवन और यात्रा के अनुभवों को बेहद संजीदगी व खुलेपन से उकेरा है। विचार, सुविचार, कविताएं, पत्र, लघुकथाएं, मन की पीड़ा और दर्शन के माध्यम से यह पुस्तक पाठकों को विचारों की एक अलग ही यात्रा पर ले जाती है।
हर पन्ने पर एक नया विचार और नया अनुभव देने वाली `बोध कीर्तन’ साहित्य, पत्रकारिता, वैचारिक लेखन और जीवन के अनुभवों में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए एक संग्रहणीय व पठनीय पुस्तक है।
प्रकाशन से पहले ही थी चर्चा
`बोध कीर्तन’ पुस्तक को लेकर इसके प्रकाशन से पहले ही काफी चर्चा थी। पुस्तक में आखिर क्या है और `बोध कीर्तन’ किस विषय पर आधारित है, इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। पुस्तक पर आधारित संजय राऊत के वीडियो पहले ही सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो चुके थे, जिससे इसे लेकर पाठकों में भारी उत्सुकता बनी हुई थी। यही वजह है कि बाजार में इसकी जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है।
पाठकों के प्यार का नतीजा
इस सफलता पर संजय राऊत ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट साझा कर खुशी जताई है। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि अमेजन की बेस्टसेलर सूची में सोनिया गांधी, शहीद भगत सिंह और विक्टर फ्रैंकल जैसी महान हस्तियों की किताबों के साथ `बोध कीर्तन’ को स्थान मिलना केवल और केवल पाठकों के असीम प्यार का नतीजा है।
