प्रस्तुति – शीतल अवस्थी
शास्त्रों के अनुसार सावन माह शिव का प्रिय माह है। इसमें शिव का पूजन दर्शन सभी मनोवांछित फलों को देने वाला है। भगवान शिव जल्दी ही प्रसन्न होते हैं। आयुष्मान तथा सर्वार्थसिद्ध योग के साथ आज शनिवार को श्रवण नक्षत्र से श्रावण यानी सावन का महीना शुरू हो गया। खास बात यह है कि इस बार वर्षों बाद सावन के महीने में कई सारे शुभ योग बन रहे हैं। कारण है १४४ वर्षों बाद बनने वाला सौभाग्य योग। श्रद्धालुओं में इसे लेकर खासा उत्साह है। सावन आज १ अगस्त की सुबह ७:४२ तक श्रवण नक्षत्र रहेगा। सावन के महीने में इस बार ४ सोमवार पड़ रहे हैं, ३, १०, १७ और २४ अगस्त के साथ ही दो प्रदोष तिथियां ११ और २७ अगस्त को होंगी। सावन में शिव पूजन का विशेष महत्व होता है। जल, बिल्व पत्र, आंकड़े के फूल, धतूरा इन्हें अत्यधिक प्रिय है। किसी भी प्रकार से शिव का पूजन समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला माना गया है। यदि अपनी राशि के अनुसार शिव का पूजन इस मास में करेंगे तो भगवान शंकर की अत्यधिक कृपा प्राप्त होगी। राशि अनुसार पूजन से मनोकामना शीघ्र पूरी होती है।
मेष- आप सावन में शिवलिंग का दही से अभिषेक करें और लाल गुलाल से पूजन करें। जल्द लाभ प्राप्त होगा। वृषभ- आपको कच्चे दूध से शिव का अभिषेक और जल से स्नान कराना चाहिए। शिव के वाहन नंदी अर्थात बैल को अष्टमी अथवा चौदस के दिन चारा एवं रोटी खिलाने से लाभ होता है। मिथुन- आपको शिव-पार्वती को लाल कनेर के पुष्प, शहद एवं पिस्ता से भोग लगाना चाहिए। बिल्व पत्र के छह पत्ते चढ़ाने से लाभ होगा। कर्क- आपको कच्चे दूध, सफेद आंकडे एवं दही से पूजन करना चाहिए। मावे से बने मिष्ठान्न का भोग लगाने से भगवान शिव जल्द प्रसन्न होते हैं। सिंह- आपको शीतल जल से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए तथा शिव मानस पूजा का पाठ प्रतिदिन करना चाहिए। ऐसा पूरे सावन मास में करें तो विशेष कामनाएं पूर्ण होती हैं। कन्या- आपको शिवलिंग पर मूंग की दाल से बनी मिठाई अर्पण करनी चाहिए। बिल्व पत्र, एक फल तथा शिव महिम्न का पाठ करना श्रेष्ठ रहता है। तुला- आपको अष्टमी अथवा एकादशी के दिन शिवलिंग पर सफेद वस्त्र अर्पण करना चाहिए। पार्वतीजी को शृंगार सामग्री अष्टमी के दिन अर्पण करें। इससे विशेष मनोकामना पूर्ण होगी। जीवन साथी के स्वास्थ्य में सुधार होगा। वृश्चिक- आप सावन में गरीबों की सेवा करेंगे तो बुरे प्रभाव दूर हो जाएंगे। धनु- सावन के प्रत्येक गुरुवार को बेसन से बनी मिठाई शिव को अर्पित करते हैं तो लाभ प्राप्त होगा। पीले रंग के वस्त्र माता पार्वती को अर्पण करें तो अत्यधिक फायदा मिलेगा। मकर- नीले पुष्पों से शिव का पूजन करें। इसके साथ ही धतूरे एवं धतूरे के पुष्पों से शिव का पूजन करेंगे तो खास लाभ होगा। कुंभ- शिवजी की प्रसन्नता के लिए किसी जरुरतमंद विद्यार्थी की मदद करनी चाहिए। यह विशेष लाभकारी रहेगा। इससे शिवजी की प्रसन्नता प्राप्त होगी और अचल संपत्ति प्राप्त होने के योग बनेंगे। मीन- शिवजी की प्रसन्नता के लिए इस माह में किसी भी एक ज्योर्तिलिंग का दर्शन करना चाहिए। यह संभव न हो तो मन से कल्पना करके ही भगवान के दर्शन करें या द्वादश ज्योर्तिलिंग का नित्य पाठ करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है। कल मंगल चंद्रमा की राशि कर्क में पहुंच गए। इस राशि को ज्योतिषशास्त्र में जल तत्व की राशि कहा गया है। जबकि मंगल स्वयं अग्नि तत्व का कारक ग्रह है और मेष एवं वृश्चिक राशि का स्वामी है। यानी दो विरोधी स्वभाव वाली राशियों और ग्रहों का संयोग होने जा रहा है।
