मुख्यपृष्ठस्तंभस्कैम्स एंड स्कैंडल्स: जब शो-गर्ल्स बनने लगीं सांसद!

स्कैम्स एंड स्कैंडल्स: जब शो-गर्ल्स बनने लगीं सांसद!

श्रीकिशोर शाही

(बुंगा बुंगा-१३)

विला सैन मार्टिनो के बंद दरवाजों के पीछे चलने वाली इन ‘बुंगा बुंगा’ पार्टियों का सच जितना डरावना था, उससे भी ज्यादा खौफनाक यह सवाल था कि आखिर इन महफिलों में शामिल होने वाली लड़कियां थीं कौन? वे कोई पेशेवर सेक्स वर्कर्स नहीं थीं। वे इटली की आम युवा लड़कियां थीं, जो ग्लैमर की दुनिया में अपना नाम कमाने का सुनहरा सपना लेकर मिलान शहर आती थीं। सिल्वियो बर्लुस्कोनी के दलालों और करीबी लोगों का एक पूरा नेटवर्क इटली भर में पैâला हुआ था, जिनका एकमात्र काम टीवी और मॉडलिंग की दुनिया में संघर्ष कर रहीं खूबसूरत लड़कियों को खोजकर प्रधानमंत्री के विला तक पहुंचाना था।
इन लड़कियों को केवल वैâश या गहनों का लालच नहीं दिया जाता था। बर्लुस्कोनी के पास सबसे बड़ा हथियार उनका टीवी नेटवर्क ‘मीडियासेट’ था। इन युवतियों को साफ शब्दों में समझाया जाता था कि अगर वे ‘कावलियरे’ (प्रधानमंत्री) को खुश कर देंगी तो उन्हें रातों-रात बड़े टीवी शोज में लीड एंकर बना दिया जाएगा या किसी रियलिटी शो में एंट्री मिल जाएगी। सत्ता और ग्लैमर का यह कॉकटेल इतना नशीला था कि बहुत सी लड़कियां खुशी-खुशी इस जाल में फंसती चली गईं।
यह लालच केवल टीवी स्क्रीन तक सीमित नहीं रहा, इसने इटली की राजनीति को भी अपनी चपेट में ले लिया। बर्लुस्कोनी ने ‘बुंगा बुंगा’ पार्टियों में शामिल कई लड़कियों को सीधे राजनीति में उतार दिया। उन्हें ‘फोर्जा इटालिया’ पार्टी का टिकट देकर क्षेत्रीय चुनावों और यहां तक कि यूरोपीय संसद के लिए भी उम्मीदवार बना दिया गया। बिना किसी राजनीतिक अनुभव के, केवल अपनी खूबसूरती और प्रधानमंत्री से नजदीकियों के बल पर, शो-गर्ल्स और मॉडल्स अब इटली की सत्ता के गलियारों में मंत्री और सांसद बनने लगी थीं। लोकतंत्र का ऐसा सरेआम चीरहरण इटली ने अपने इतिहास में पहले कभी नहीं देखा था। बर्लुस्कोनी को लग रहा था कि वह सब कुछ खरीद सकते हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनके अपने घर में एक बहुत बड़ी बगावत सुलग रही थी।
(शेष अगले अंक में)

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