सामना सवांददाता / डोंबिवली
डोंबिवली एमआईडीसी परिसर में बरसाती नाले में शौचालय का मल-मूत्र मिलने से पिछले कई महीनों से भीषण दुर्गंध फैली हुई है। इसके साथ ही आसपास की रासायनिक कंपनियों से निकलने वाली जहरीली गैसों ने नागरिकों की परेशानी दोगुनी कर दी है। ‘ओम सदिच्छा’, ‘ओमकार छाया’, ‘माणिकरत्न’ और ‘गौरी नंदन’ इन चार इमारतों में रहने वाले 48 परिवारों ने केडीएमसी, एमआईडीसी प्रशासन और स्थानीय नेताओं से बार-बार शिकायत की, लेकिन केवल कागजी निरीक्षण के अलावा आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों में भारी रोष है।
प्रशासन की निष्क्रियता और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर खटाक्ष करते हुए करीब 200 मतदाताओं ने अब साफ ऐलान किया है कि जब तक पावसाती नाले में जा रहे शौचालय के मल-मूत्र और रासायनिक प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक वे आने वाले कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका चुनाव में मतदान से बहिष्कार करेंगे। नागरिकों का कहना है कि समस्याओं को नजरअंदाज करने वाली युति सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा, और यही नाराजगी आने वाले चुनाव में सरकार के खिलाफ जाएगी।
