भाजपा शासित उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल से मानवता को शर्मसार करने वाली लापरवाही का मामला सामने आया है। जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखी ३६ वर्षीय लखन कुमार की डेड बॉडी को चूहों ने कुतर डाला। मृतक के पैर और शरीर के अन्य हिस्सों पर चूहों के कुतरने के निशान साफ दिखाई दिए, जिसके बाद परिजन गुस्से में आ गए और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि मोर्चरी में न तो कोई निगरानी व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है। उनका आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन सिर्फ कागजों में सफाई और व्यवस्था दिखाता है, जबकि जमीनी स्थिति बिल्कुल उलट है। उन्होंने कहा कि मोर्चरी में चूहों का आतंक पहले से था, लेकिन प्रशासन ने इसे रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
स्वास्थ्य विभाग से मांग और
प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए दोषियों पर कार्रवाई, मोर्चरी की सफाई व्यवस्था में सुधार और अस्पताल परिसर को चूहामुक्त करने की मांग की है। फिलहाल, अस्पताल प्रबंधन मामले की जांच की बात कर रहा है, लेकिन इस शर्मनाक घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया और चिंता
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए और अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा और नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि यदि मृतक तक सुरक्षित नहीं हैं, तो अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों की सुरक्षा वैâसे सुनिश्चित होगी? अस्पताल परिसर में चूहों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि बायो-वेस्ट मैनेजमेंट और स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो चुकी है।
`मोर्चरी में न तो कोई निगरानी व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई का ध्यान रखा जाता है। अस्पताल प्रबंधन सिर्फ कागजों में सफाई और व्यवस्था दिखाता है, जबकि जमीनी स्थिति बिल्कुल उलट है।’
